विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'पापा बचा लो, बहुत मारा है...' रांची में दवा व्यवसायी के बेटे का अपहरण, जख्मी हालत में लगाया फोन

Published: Wed, 30 Sep 2026 10:50 PM (IST)

दवा व्यवसायी के बेटे किशन सिंह का रांची के गाड़ीखाना से कथित अपहरण हो गया था, जिसे करीब पांच घंटे ...और पढ़ें

एआई जनरेटेड फोटो

एआई जनरेटेड फोटो

HighLights

  1. दवा व्यवसायी के बेटे किशन सिंह का रांची से अपहरण।

  2. पांच घंटे बाद चुटूपालू में जख्मी हालत में मिला।

  3. पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

जागरण संवाददाता, रांची। कोतवाली थाना क्षेत्र के अति व्यस्त गाड़ीखाना इलाके में मंगलवार की रात दवा व्यवसायी के 24 वर्षीय बेटे किशन सिंह के कथित अपहरण से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। किशन सिंह झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के को-ऑर्डिनेटर व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह के भतीजे हैं।

बताया जाता है कि रात करीब 7:40 बजे हरमू रोड स्थित शनि मंदिर और गाड़ीखाना चौक के बीच से बदमाश उन्हें अपने साथ ले गए।

करीब पांच घंटे बाद देर रात 12 से 12:30 बजे के बीच किशन को ओरमांझी थाना क्षेत्र के चुटूपालू से जख्मी हालत में बरामद किया गया।

इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया। किशन के पिता भूपेंद्र सिंह उर्फ मुन्ना दवा व्यवसायी हैं। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद बदमाश किशन को अपने साथ ले गए थे।

आरोप है कि घर से करीब 500 कदम की दूरी पर पीछे से किसी नशीले पदार्थ का स्प्रे या पदार्थ सुंघाया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गए।

इसके बाद बदमाश उन्हें ऑटो से लेकर फरार हुए। रास्ते में उन्होंने कई बार ऑटो बदला, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

सिर पर बंदूक या भारी वस्तु से हमला करने का आरोप

कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि अपहरण के बाद किशन के साथ मारपीट की गई। इसी दौरान उसके सिर पर बंदूक या किसी भारी वस्तु से वार कर घायल किया गया।

उसके गले की चेन और ब्रेसलेट भी ले लिए गए। बाद में उसे सड़क किनारे बेहोशी की हालत में छोड़ दिया गया।

होश आया तो पैदल पहुंचा पेट्रोल पंप

किशन को होश आने के बाद चुटूपालू घाटी के पास एक व्यक्ति ने देखा। घायल किशन के सिर से खून निकल रहा था। उक्त व्यक्ति ने पास में जमा पानी से उसका सिर धोया और वहां से चला गया।

इसके बाद किशन किसी तरह पैदल चलते हुए एक पेट्रोल पंप पहुंचा। उसने वहां मौजूद लोगों से रांची जाने का रास्ता पूछा और फोन करने के लिए मदद मांगी, लेकिन फोन नहीं मिल सका।

दूसरे पेट्रोल पंप पर भी उसने मदद मांगी, लेकिन वहां भी फोन नहीं मिला। इसके बाद किशन एक होटल और फिर चुटूपालू के पास एक पंजाबी ढाबे के समीप पहुंचा।

वहां गुमटी के बाहर बैठे एक व्यक्ति से फोन करने के लिए मदद मांगी। व्यक्ति ने उसे फोन दिया। शुरुआत में किशन को परिजनों का नंबर याद नहीं आ रहा था। बाद में नंबर याद आने पर उसने पिता को फोन किया और कहा- 'पापा बचा लो, इन लोगों ने बहुत मारा है।'

फोन आते ही चुटूपालू पहुंची पुलिस

रात करीब 12 से 12:30 बजे के बीच किशन का फोन आने के बाद कोतवाली पुलिस ने तत्काल ओरमांझी थाना पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस टीम संबंधित स्थान पर पहुंची और किशन को जख्मी हालत में बरामद कर लिया।

परिजन भी मौके पर पहुंचे। बाद में किशन को रांची लाकर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के बाद हालत में सुधार होने पर बुधवार तड़के उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

घटना को लेकर देर रात कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल से लेकर किशन को ले जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

पुलिस को कुछ फुटेज से सुराग मिलने की बात सामने आई है, जिसके आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है।

कुछ दिन पहले विधायक के बेटे के कथित अपहरण से जुड़ा था मामला

रांची में कुछ दिन पहले चतरा के लोजपा (आर) विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ पासवान के कथित अपहरण का मामला भी सामने आया था। सात सितंबर को रांची की एमिटी यूनिवर्सिटी के बाहर से सौरभ को जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर ले जाने की सूचना मिली थी।

पुलिस की कार्रवाई के बाद उन्हें विधानसभा थाना क्षेत्र के नयासराय के पास से बरामद किया गया था। हालांकि, पुलिस जांच में मामला कथित अपहरण के बजाय आपसी विवाद और मारपीट से जुड़ा पाया गया था।

पुलिस के अनुसार, सौरभ की जान-पहचान के कुछ युवकों के साथ खाने-पीने और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ था।

सौरभ के बयान पर विधानसभा थाना में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी सीसीटीवी फुटेज और वाहनों के आधार पर जांच की थी।

यह भी पढ़ें- झारखंड डीजीपी पर बाबूलाल मरांडी के पोस्ट पर भड़का पुलिस एसोसिएशन, कहा- मर्यादित शब्दों का ही करें इस्तेमाल