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रांची में बुलडोजर कार्रवाई का भारी विरोध, आजाद बस्ती में अवैध बूचड़खाना हटाने पहुंची टीम पर भड़के लोग

Published: Sat, 19 Sep 2026 09:14 PM (IST)

रांची के आजाद बस्ती में अवैध बूचड़खाना हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को स्थानीय लोगों और दुकानदारों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा।

रांची में बुलडोजर कार्रवाई का भारी विरोध(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

रांची में बुलडोजर कार्रवाई का भारी विरोध(एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. रांची में अवैध बूचड़खाना हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों ने विरोध किया।

  2. दुकानदारों ने वैकल्पिक व्यवस्था न होने पर विरोध प्रदर्शन किया।

  3. नगर निगम ने विरोध के बाद कार्रवाई अगले आदेश तक स्थगित की।

जागरण संवाददाता, रांची। आजाद बस्ती, पथलकुदवा रोड स्थित गुदड़ी चौक के समीप शनिवार को नगर निगम द्वारा अवैध बूचड़खाना हटाने की कार्रवाई का स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने जोरदार विरोध किया। निगम की टीम जैसे ही तीन बुलडोजर के साथ भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई के लिए पहुंची, बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। कुछ लोग बुलडोजर के सामने सड़क पर बैठ गए। 

विरोध के कारण करीब पांच घंटे तक कार्रवाई प्रभावित रही। स्थानीय लोगों ने कर्बला चौक की मुख्य सड़क को बांस-बल्ली लगाकर जाम कर दिया। करीब चार घंटे तक सड़क जाम रहने से बहूबाजार चौक, कर्बला चौक और आसपास के मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा।

विरोध के दौरान वार्ड 16 के पार्षद मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम उर्फ संजू भाई, वार्ड 17 की पार्षद फातमा शमीम, वार्ड 22 के पार्षद मो. असलम, पूर्व पार्षद अनवर, सामाजिक कार्यकर्ता एस. अली समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। 

बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को हटाना उचित नहीं

लोगों का कहना था कि यहां लंबे समय से दुकानें संचालित हो रही हैं और कई परिवारों की रोजी-रोटी इन दुकानों से जुड़ी है। ऐसे में बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए दुकानों को हटाना उचित नहीं है।

नगर निगम की ओर से कार्रवाई को फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। निगम का कहना है कि मौके पर शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया। निगम के अनुसार करीब 19.3 डिसमिल भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराकर वहां सामुदायिक भवन और अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने की योजना है।

19.3 डिसमिल जमीन को लेकर विवाद

पूरा मामला वार्ड 16 के पथलकुदवा रोड, गुदड़ी चौक के समीप प्लाट संख्या 1610 की करीब 19.3 डिसमिल निगम भूमि से जुड़ा है। नगर निगम के अनुसार इस जमीन पर पूर्व में अवैध रूप से बूचड़खाने का संचालन किया जा रहा था। निगम का कहना है कि पूर्व में बूचड़खाना हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया था और अब शेष अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी।

निगम की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भूमि निगम के स्वामित्व की है और इसका उपयोग निजी अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए नहीं किया जा सकता। भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के बाद इसे नागरिक सुविधाओं के लिए विकसित किया जाएगा। 

प्रस्तावित सामुदायिक भवन से स्थानीय लोगों को सामाजिक एवं सामुदायिक आयोजनों के लिए सुविधा मिलेगी, जबकि अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

पार्षद बोले- 65 दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट

कार्रवाई के विरोध में वार्ड 16 के पार्षद मोहम्मद सलाहुद्दीन असलम उर्फ संजू भाई ने नगर आयुक्त को पत्र देकर दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की है। 19 सितंबर को दिए पत्र में उन्होंने कहा है कि संबंधित बाजार करीब 50 वर्षों से अधिक समय से संचालित है। यहां करीब 65 दुकानें हैं और इनसे कई परिवारों का भरण-पोषण होता है।

पार्षद का कहना है कि यदि निगम को जमीन खाली करानी है तो पहले दुकानदारों को वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद ही दुकानों को हटाने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने नगर निगम से दुकानदारों के हित को ध्यान में रखते हुए उचित व्यवस्था करने का आग्रह किया है।

ब्रिटिश शासनकाल से मीट बाजार होने का दावा

विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एस. अली ने बताया कि गुदड़ी कुरैश मुहल्ले में ब्रिटिश शासनकाल से मीट बाजार होने का दावा किया जाता रहा है। उनके अनुसार बाद में रांची नगर पालिका ने संबंधित भूमि का अधिग्रहण कर वहां दुकानें बनाकर दी थीं। वर्ष 1972 से 1976 के बीच मीट बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किए जाने और बाजार की हर वर्ष बंदोबस्ती होने का भी उन्होंने दावा किया।

एस. अली के अनुसार झारखंड बनने के बाद वर्ष 2005 से लाइसेंस के नवीनीकरण का मामला नगर निगम में लंबित रहा। उनका कहना है कि 3 नवंबर 2025 को निगम की ओर से इस स्थल को अवैध बूचड़खाना बताते हुए नोटिस दिया गया, जबकि स्थानीय लोगों के अनुसार यहां मीट बाजार संचालित होता रहा है।

2025 में प्रतिबंधित मांस बरामदगी के बाद शुरू हुआ विवाद

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में अक्टूबर 2025 की पुलिस कार्रवाई भी जुड़ी है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, 29 अक्टूबर 2025 को लोअर बाजार थाना क्षेत्र के आजाद बस्ती में पुलिस ने कार्रवाई कर तीन वाहनों से करीब 3400 किलो प्रतिबंधित मांस बरामद करने का दावा किया था। 

इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को नगर निगम ने करीब 19.03 डिसमिल जमीन पर अवैध बूचड़खाना संचालित किए जाने का हवाला देते हुए कार्रवाई का निर्देश जारी किया था। इसके बाद 30 मार्च 2026 को भी नगर निगम की ओर से इस स्थल से संबंधित अतिक्रमण हटाने और भूमि को जनहित में उपयोग करने की कार्रवाई की जानकारी दी गई थी।

2018 में भी हुआ था विवाद

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थल को लेकर विवाद नया नहीं है। वर्ष 2018 में भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड की टीम ने भी आजाद बस्ती में कथित अवैध स्लाटर हाउस के संचालन की सूचना पर कार्रवाई की थी। स्थानीय स्तर पर विरोध के बाद कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ था। उस समय निगम की टीम द्वारा स्थल को सील किए जाने की बात भी सामने आई थी।

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