रांची, जेएनएन। पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी में शहीद हुए गुमला के जवान संतोष गोप का पार्थिव शरीर सोमवार शाम रांची पहुंचा। रांची में सेना के अधिकारियों व जवानों ने सेना की परंपरा के अनुसार शहीद को सलामी दी। तिरंगे में लिपटे शहीद के पार्थिव शरीर को देख जहां सबकी आंखें नम हो गईं वहीं पूरा एयरपोर्ट परिसर शहीद संतोष गोप अमर रहें... और पाकिस्तान मुर्दाबाद... के नारों से गूंज उठा। फिर सेना के अधिकारियों व जवानों ने उन्हें सेना की परंपरा के अनुसार सलामी दी।

शाम लगभग 5:51 बजे राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचीं और शहीद को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव व सांसद सुदर्शन भगत समेत शहीद संतोष गोप के बड़े भाई गोसांई गोप व गांव से आए उनके मित्रों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। शहीद के पार्थिव शरीर को नामकुम आर्मी कैंप में रखा गया है। मंगलवार सुबह पार्थिव शरीर को गुमला जिले के बसिया प्रखंड में स्थित शहीद के गांव टेंगरा ले जाया जाएगा।

देश व राज्य की बड़ी क्षति : राज्यपाल

राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि संतोष गोप देश के लिए शहीद हुए हैं। वे झारखंड के लाल थे। कश्मीर स्थित बारामूला में वे सिग्नल मैन के रूप में कार्यरत थे। उनकी पोस्टिंग 2012 में हुई थीं। कश्मीर की घाटी में पाकिस्तानी सैनिकों के साथ मुठभेड़ में वे घायल हुए और शहीद हो गए। कहा, वे देश के लिए शहीद हुए हैं। उनकी शहादत से देश व राज्य को बड़ी क्षति हुई है। मैं भगवान से प्रार्थना करुंगी कि उनके परिवार को दुख सहन करने की शक्ति दें। सरकार के पास जो प्रावधान होंगे, उसके तहत उनके परिवार को सहयोग किया जाएगा।

संतोष गोप इस साल दो मई को अवकाश में घर आए थे। चार जून को अवकाश समाप्त होने पर-जम्मू कश्मीर चले गए। उनकी मां सारो देवी और पिता जीतू गोप के अनुसार संतोष ने कहा था कि वह इस साल शादी करेगा। आप लोग लड़की देख कर रखें। उनकी योजना गुमला में जमीन खरीदकर घर बनाने की थी। लेकिन योजना धरी रह गई।

बेटा के देश सेवा में शहीद होने का गर्व

शहीद के पिता जीतू गोप गमगीन हैं। उनका कहना है कि बड़े लाड़ प्यार से बेटा को पाला था। पुत्र खोने का गम है लेकिन उनका बेटा देश की सेवा में काम आया, इसका गर्व है। जब बेटा की सेना में नौकरी हो गई थी तो उन्हें लगा था कि अब उन्हें सहारा देने वाला मिल गया। उन्हें चिंता है कि परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य चला गया, अब उनके बुढ़ापे की लाठी कौन बनेगा।

मुख्यमंत्री ने वीर संतोष की शहादत को किया नमन

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने गुमला जिला के सिसई के वीर जवान संतोष गोप की शहादत को नमन करते हुए कहा कि पाकिस्तान द्वारा किए सीजफायर उल्लंघन में मातृभूमि की रक्षा में वीर संतोष ने अपने प्राणों की आहुति दी है। झारखंड का जन-जन हर पल वीर शहीद संतोष गोप के परिवार के साथ है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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