रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने शीघ्र ही निर्वाचन आयोग की पूरी टीम रांची आएगी। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे ने ये संकेत दिए। भारत निर्वाचन आयोग की टीम के साथ होटल रेडिसन ब्लू में पूरे दिन भर चली बैठक के बाद वे मीडिया से कुछ पल के लिए मुखातिब थे।

आयोग की टीम के हवाले से उन्होंने कहा कि आयोग चुनाव कार्य में मुस्तैद अफसरों को पूरी पारदर्शिता के साथ काम करने को कहा है। टीम ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष चुनाव  कराना उनकी जवाबदेही है। किसी तरह का तरह का आरोप-प्रत्यारोप न लगे, यह सुनिश्चित होना चाहिए।

झारखंड में विधानसभा चुनाव से पूर्व चुनाव आयोग की टीम ने दो दिनों तक तैयारियों को परखा। जिला निर्वाचन पदाधिकारियों, आरक्षी अधीक्षकों, प्रमंडलीय आयुक्तों और आईजी स्तर के पदाधिकारियों के साथ चुनाव आयोग की टीम ने रांची में शुक्रवार को अहम बैठक कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया है। इस क्रम में आयोग की ओर से कहा गया कि बीते लोकसभा चुनाव में जिस मोर्चे पर कमी रह गई थी, उसे हर हाल में समय रहते दुरुस्‍त कर लिया जाए।

इससे पहले आयोग की टीम ने राज्य के विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ गुरुवार को भी रांची में बैठक की। राजनीतिक दलों ने उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन, संदीप सक्सेना व चंद्र भूषण कुमार के साथ बैठक के क्रम में आयोग को निष्पक्ष चुनाव कराने के बाबत अपने सुझाव भी दिए। इस दौरान राजनीतिक दलों के निजी एजेंडे भी सामने आए। मुख्‍यालय के अधिकारियों के साथ भी आयोग की टीम ने चुनावी तैयारियों पर गहन चर्चा की।

चुनाव आयोग के साथ बैठक में ज्यादातर विपक्षी दलों ने महाराष्ट्र और हरियाणा की तर्ज पर झारखंड में भी एक ही चरण में चुनाव कराने की बात कही और इस पक्ष में अपने तर्क भी प्रस्तुत किए। वहीं, सत्ताधारी दल भाजपा ने राज्य की भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए पांच चरणों में चुनाव कराने का सुझाव दिया। झारखंड में 2014 में भी पांच चरणों में विधानसभा चुनाव कराए गए थे। हालांकि भाजपा के सहयोगी दल आजसू ने भी एक ही चरण में चुनाव कराए जाने की बात कही।

ईवीएम के बजाए बैलेट से चुनाव कराने का मामला भी उठा। हालांकि, इस राय से सभी दल सहमत नजर नहीं आए। राजनीतिक दलों से मुलाकात के बाद टीम ने मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, आयकर विभाग, वाणिज्यकर विभाग, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, रेलवे, बैंकों आदि के साथ भी बैठक की। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय कुमार चौबे तथा राज्य पुलिस नोडल पदाधिकारी मुरारी लाल मीणा से भी टीम ने काफी देर तक चर्चा की।

आयोग की ओर से गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाजवादी पार्टी, भाजपा, सीपीआइ, सीपीएम, कांग्रेस, एनसीपी, नेशनल पीपुल्स पार्टी, आजसू, झारखंड मुक्ति मोर्चा, झारखंड विकास मोर्चा और राष्ट्रीय जनता दल के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था। सभी दलों को अपनी बात रखने के लिए छह-छह मिनट का समय दिया गया। 

पांच चरणों में हो चुनाव, बांग्लादेशियों को मतदान से जाए रोका : भाजपा

भाजपा ने राज्य में पांच चरणों में चुनाव कराने और संवेदनशील और अति संवेदनशील बूथों में भारी मात्रा में अद्र्धसैनिक बलों की तैनाती का सुझाव दिया है। आयोग के साथ बैठक में भाजपा के प्रदेश महामंत्री दीपक प्रकाश, शिव कुमार शर्मा और सुधीर श्रीवास्तव ने बांग्लादेशी घुसपैठियोंं का मामला भी उठाया। कहा, सीमावर्ती विधानसभाओं पाकुड़, राजमहल, महगामा और गोड्डा में बहुत से बांग्लादेशी बसे हुए हैं। इन क्षेत्रों में बांग्लादेशियों को मतदान से रोकना होगा। उन्होंने वैसे एनजीओ जिनका पैसा किसी पार्टी विशेष में चुनाव पर खर्च होता है वैसे खातों पर निकासी का रोक लगाने का भी आग्रह भी किया। भाजपा ने अपने लिखित सुझावों में अद्र्धसैनिक बलों की बूथों पर नियुक्ति की जबाबदेही आइजी स्तर के अधिकारियों को दिए जाने की मांग की। साथ ही कहा कि मतदाता के निवास से बूथ की दूरी दो किलोमीटर से ज्यादा नहीं हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। घरों और वाहनों में झंडे की संख्या और साइज के बारे में भी आयोग से स्तर से निर्देश जारी करने का आग्रह किया। भाजपा ने बूथों पर समुचित प्रकाश की व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया। 

भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में काम कर रहे उपायुक्त : झामुमो

झामुमो ने चुनाव आयोग से मुलाकात के क्रम में जिला उपायुक्तों की शिकायत की। कहा, जिले के उपायुक्त भाजपा कार्यकर्ता की तरह कार्य कर रहे हैं। सरकार के महिमा मंडन में कोई किसी से पीछे नहीं रहना चाहता। झामुमो ने सोशल मीडिया पर उपायुक्तों द्वारा की गई पोस्ट की छायाप्रति भी चुनाव आयोग को सौंपी और तत्काल इस पर रोक लगाने की मांग की। झामुमो के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य और विनोद पांडेय ने आयोग से मुलाकात के क्रम में कहा कि ऐसे तमाम पदाधिकारियों को चुनाव कार्य से अलग रखा जाए। झामुमो ने भी झारखंड में एक ही चरण में चुनाव कराए जाने की मांग की। 

कांग्रेस ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की, महाराष्ट्र-हरियाणा का दिया हवाला

कांग्रेस ने महाराष्ट्र और हरियाणा की तर्ज पर झारखंड में भी एक चरण में चुनाव कराने का अनुरोध चुनाव आयोग से किया है। आयोग के सदस्यों से मुलाकात के क्रम में पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और प्रदेश प्रवक्ता आलोक दुबे ने कहा कि पांच चरणों और दो महीनों की लंबी चुनावी प्रक्रिया से आम जनता त्रस्त हो जाती है। पांच चरणों में चुनाव की भाजपा की मांग अव्यावहारिक है। कहा, उग्रवाद और नक्सली समस्याओं का अगर हवाला दिया जाता है तो इसका मतलब है कि राज्य में कानून व्यवस्था ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री का दावा पूरी तरह से गलत है। प्रदेश कांग्रेस ने आयोग से यह भी मांग की कि दागी, बलात्कारी, आरोपित व्यक्तियों को सदन में जाने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। कहा, झारखंड हाईकोर्ट ने भी 56 दागी विधायकों का स्टेट्स मांगा है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने आरोप लगाया कि दो दिन पूर्व 42 डीएसपी और 15 दिन पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों का स्थानांतरण चुनावी फायदे के लिए किया गया है। जबकि तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों को लेकर सरकार मौन है। 

एक चरण में हों चुनाव : आजसू

सत्ताधारी दल की सहयोग पार्टी आजसू ने भाजपा की राय से इतर एक चरण में पूरे राज्य में चुनाव कराने की मांग की है। पार्टी के हसन अंसारी ने आयोग से भयरहित वातावरण में चुनाव कराने और हर बूथ में प्रकाश की उचित व्यवस्था कराने की मांग की। यह भी कहा कि चुनाव की प्रक्रिया संपन्न होने के तत्काल बाद बूथ को स्ट्रांग रूम तक पहुंंचाने की व्यवस्था होनी चाहिए। 

पेड न्यूज और पेड व्यूज पर नियंत्रण हो : झाविमो

झारखंड विकास मोर्चा ने चुनाव आयोग से हेलीकॉप्टर को लेकर अनुमति देने से संबंधित प्रक्रिया को गलत बताया और कहा कि इसमें पक्षपात की संभावना बनी रहती है। इसे सुधारा जाए। इसके साथ ही पेड न्यूज और पेड व्यूज पर भी पूर्ण नियंत्रण की मांग की।

Posted By: Alok Shahi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप