रांची, जेएनएन। दक्षिणी छोटानागपुर के सबसे पुराने चर्च में शुमार सरवदा चर्च परिसर में फादर हाॅफमैन की प्रतिमा का विवाद गहराता जा रहा है। यह वही फादर हॉफमैन हैं, जिस पर भगवान बिरसा मुंडा ने सरवदा में तीर से हमला किया था। फादर ओवरकोट के बटन में तीर लगने से बाल-बाल बच गए थे।

एक तरफ सरना समाज लगातार इस प्रतिमा को हटाने की मांग कर रहा है। साथ ही सीएनटी एक्ट को भी फादर हॉफमैन की उपलब्धि बताए जाने का विरोध किया जा रहा है। इस मुद्दे पर जहां राजनीति गर्मा गई है, वहीं बुद्धिजीवी वर्ग भी दो धड़ों में बंट गया है।

ईसाई समुदाय का कहना है कि फादर हॉफमैन को न समझने वाले राजनीति कर रहे हैं, जबकि सरना समुदाय का कहना है कि फादर हॉफमैन को भगवान बिरसा मुंडा के समानान्तर खड़ा करने की कोशिश की जा रही है।

चर्च परिसर में लगी प्रतिमा के नीचे फादर हॉफमैन के कार्यों का महिमामंडन किया गया है। जिसमें उनके महान कार्य के रूप में सीएनटी एक्ट को दर्शाया गया है। जानकारी हो कि सीएनटी एक्ट को फादर हॉफमैन की उपलब्धि बताने से सरना समाज नाराज हैै

Posted By: Preeti jha