रांची, राज्य ब्यूरो। दूसरे राज्यों में फंसे लोगों को सहायता पहुंचाने की कोशिशों के बीच झारखंड को असम और गोवा से नाम मात्र का भी सहयोग नहीं मिल पा रहा है। दोनों राज्यों से लगभग एक हजार लोगों को फोन आ चुका है, लेकिन इन्हें मदद पहुंचाने में वहां की सरकारें विफल रही हैं। अधिकारियों ने संपर्क भी किया है और पत्राचार भी किया है।

इसके अलावा भारत सरकार के वरीय अधिकारियों को भी इस बारे में जानकारी दे दी गई है। दोनों राज्यों में स्थानीय शासन वहीं के लोगों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पा रहा है और यही बड़ा कारण है कि झारखंड के लोगों की मदद नहीं की जा रही है। दूसरी ओर, कर्नाटक सबसे बेहतर ढंग से रिस्पांस दे रहा है।

वहां फंसे झारखंड के लोगों से स्थानीय अधिकारी स्वयं भी संपर्क कर रहे हैं और इसकी जानकारी झारखंड को भी दी जा रही है। नई दिल्ली में भी बेहतरीन सुविधाएं मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार आदि राज्यों में भी झारखंड के लोगों को कोई खास परेशानी नहीं हो रही है।

फोन इतना आ रहा कि जवाब नहीं दे पा रहे

दूसरे राज्यों में फंसे झारखंड के लोगों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए अधिकृत किए गए अधिकारियों के पास इतने फोन आ रहे हैं कि अधिकारी हर फोन का जवाब देने में सक्षम नहीं हो पा रहे हैं। कई अधिकारियों ने अपना फोन ऑफिस के लोगों को दे दिया है और तमाम मिस कॉल एवं कॉल वेटिंग के मामलों में वापस फोन कर जानकारी ली जा रही है और उन्हें मदद भी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। लोगों की परेशानी से संबंधित सूचनाएं फोन से दूसरे राज्यों को दी जा रही हैं और इसके अलावा ईमेल के माध्यम से पत्राचार भी किया जा रहा है। दो राज्यों को छोड़कर अन्य जगहों से झारखंड को सकारात्मक जवाब मिल रहा है।

Posted By: Sujeet Kumar Suman

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