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IIT कानपुर का पूर्व छात्र निकला पेपर लीक का 'मास्टरमाइंड': जेएसएससी और जेपीएससी परीक्षाओं में ऐसे चलाता था धांधली का खेल

Published: Wed, 04 Nov 2026 07:45 AM (IST)

बिंसिस टेक्नोलॉजी के पूर्व निदेशक अरुण कुमार 2021 कनीय विद्युत अभियंता नियुक्ति परीक्षा पेपर लीक के सूत्रधार थे। आईआईटी कानपुर ...और पढ़ें

रांची के नामकुम थाने में वर्ष 2022 में दर्ज प्राथमिकी मामले में पुलिस ने जांच में किया है खुलासा।

रांची के नामकुम थाने में वर्ष 2022 में दर्ज प्राथमिकी मामले में पुलिस ने जांच में किया है खुलासा।

HighLights

  1. बिंसिस टेक्नोलॉजी के पूर्व निदेशक अरुण कुमार सूत्रधार थे।

  2. आईआईटी कानपुर से पढ़े अरुण ने पेपर लीक किया।

  3. 15-15 लाख में बेचे गए थे प्रश्न पत्र।

राज्य ब्यूरो, रांची। मुंबई से गिरफ्तार प्रतियोगिता परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी मेसर्स बिंसिस टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड का पूर्व निदेशक अरुण कुमार उर्फ अरुण शर्मा कनीय विद्युत अभियंता नियुक्ति परीक्षा 2021 में कथित पेपर लीक कांड का सूत्रधार था। अरुण पढ़ने में मेधावी रहा है, जिसकी बदौलत उसने आइआईटी कानपुर से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी।

तकनीकी रूप से दक्ष होने की वजह से वह प्रश्न पत्र प्रिंटिंग से लेकर डेटा लीक करनेवाले सिंडिकेट में भी शामिल था। रांची पुलिस ने रांची के नामकुम थाने में वर्ष 2022 में दर्ज कांड संख्या 227/2022 में अपर न्यायायुक्त की विशेष अदालत में यह खुलासा किया है।

अरुण कुमार को रांची पुलिस ने सात अगस्त 2026 को मुंबई से गिरफ्तार किया था। बाद में उसकी संलिप्तता जेपीएससी की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, ओएमआर शीट में हेराफेरी व अनियमितता मामले में सामने आई थी।

इसके बाद सीआइडी ने उसे जेपीएससी प्रकरण से संबंधित सीआइडी थाना कांड संख्या 16/2026 में भी आरोपित बनाया था। इसके बाद उससे 13 से 17 अगस्त तक पूछताछ भी की थी। सीआईडी को भी जानकारी मिली है कि अरुण कुमार ने अपनी एजेंसी बिंसिस टेक्नोलोजी को अवैध तरीके से जेपीएससी की परीक्षाओं के संचालन का ठेका हासिल किया था।

कनीय विद्युत अभियंता नियुक्ति परीक्षा से जुड़ी झारखंड डिप्लोमा स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जेई भर्ती)-2021 का जिम्मा जिस बिंसिस टेक्नोलोजी को मिला था, उसका पूर्व निदेशक अरुण प्रश्न पत्रों की खरीद-फरोख्त में लिप्त था। उसने 15-15 लाख रुपये में कनीय विद्युत अभियंताओं की सीट का सौदा किया था।

रांची पुलिस ने केस डायरी में खोला अरुण कुमार का कच्चा चिट्ठा

रांची पुलिस ने नामकुम थाने में दर्ज उक्त केस से संबंधित केस डायरी में बिंसिस के पूर्व निदेशक अरुण कुमार का कच्चा चिट्ठा खोला है। पुलिस के अनुसार अरुण कुमार ने 26 अगस्त 2019 को बिंसिस टेक्नोलोजी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन यह केवल आइ वाश था। निदेशक पद से हटने के बावजूद वह एजेंसी का सर्वे सर्वा था।

पुलिस ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) के तत्कालीन सचिव अशोक कुमार खेतान व परीक्षा नियंत्रक सह उप सचिव मधुमिता कुमारी के बयान से भी इसकी पुष्टि की है। दोनों ही अधिकारियों ने अपने बयान में इसका जिक्र किया है कि बिंसिस टेक्नोलोजी को कनीय विद्युत अभियंता नियुक्ति परीक्षा से जुड़ी प्रत्येक उच्च स्तरीय गोपनीय बैठक में अरुण कुमार एजेंसी के वर्तमान निदेशक अजित कुमार के साथ बैठता था।

जेएसएससी ने बिंसिस टेक्नोलोजी को प्रश्न पत्रों की छपाई, परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक व फोटोग्राफिक कैप्चरिंग, ओएमआर शीट की स्कैनिंग, डेटा प्रोसेसिंग से लेकर अंतिम रूप से परिणाम तैयार करने का कार्य सौंपा था।

अरुण कुमार इन सभी कार्यों में शामिल था और उसने इसका गलत तरीके से फायदा उठाकर तीन जुलाई 2022 को आयोजित होने वाली परीक्षा शुरू होने से पहले ही सीलबंद प्रश्न पत्रों को वाट्सएप के माध्यम से लीक किया था।

गिरफ्तार आरोपित अभिषेक कुमार और अभ्यर्थी पंकज कुमार मंडल ने पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा किया था कि अरुण कुमार व उसके सिंडिकेट ने प्रत्येक अभ्यर्थी से 15-15 लाख या उससे अधिक की राशि लेकर हल किया हुआ प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था। परीक्षा से पहले गोपनीय ठिकानों पर ऐसे अभ्यर्थियों को लीक प्रश्न पत्र के उत्तर रटवाए गए थे।

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