झारखंड: पूर्व DGP अनुराग गुप्ता द्वारा गठित SIT पूरी तरह समाप्त, 3 डीएसपी मूल विभाग भेजे गए; जांच पर लगा ब्रेक
पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) के तीनों डीएसपी को पुलिस मुख्यालय ने उनके पैतृक विभाग में वापस भेज दिया है।

पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता। (फाइल फोटो)
HighLights
एसआईटी के तीनों डीएसपी पैतृक विभाग में वापस भेजे गए।
पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता ने जमीन विवादों हेतु एसआईटी बनाई थी।
विवादित होने के कारण सीआईडी ने एसआईटी को निष्क्रिय किया।
राज्य ब्यूरो, रांची। डीजीपी सह डीजी सीआईडी के पद पर रहते अनुराग गुप्ता द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) के तीनों ही डीएसपी को पुलिस मुख्यालय ने उनके पैतृक विभाग में वापस कर दिया है।
अनुराग गुप्ता ने जमीन संबंधित विवाद के समाधान के लिए एसआईटी गठित की थी, जिसमें 12 अगस्त 2024 को तीनों डीएसपी को प्रतिनियुक्त किया था।
इन तीनों डीएसपी में झारखंड सशस्त्र पुलिस -10 (जैप-10) की सुमनगिनी नाग व तारामणि बाखला तथा आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) के डीएसपी प्रदीप पाल कच्छप शामिल हैं।
तीनों ही डीएसपी को उनके पैतृक विभाग में वापसी के लिए पुलिस मुख्यालय ने 21 सितंबर को आदेश जारी किया है। उनकी पैतृक विभाग में वापसी के लिए सीआईडी के एडीजी मनोज कौशिक ने 27 मई को पुलिस मुख्यालय से पत्राचार किया था।
पूर्व डीजीपी अनुराग गुप्ता के माध्यम से गठित एसआईटी उनके इस्तीफे के बाद से ही निष्क्रिय कर दी गई थी। इसके पीछे यह तर्क दिया गया था कि एसआईटी की जांच विवादित होने लगी थी।
विवाद के चलते ही सीआईडी के एडीजी ने एसआईटी को निष्क्रिय कर दिया था। इसके माध्यम से जांच भी रोक दी गई थी।
एसआईटी के पास बड़ी संख्या में पहुंची थी जमीन संबंधित शिकायतें
जमीन संबंधित विवाद को देखते हुए अनुराग गुप्ता ने 12 अगस्त 2024 को सीआईडी में एसआईटी गठित की थी। इसमें बड़ी संख्या में जमीन की खरीद-बिक्री व कब्जा से संबंधित शिकायतें पहुंचीं।
कहीं दस्तावेज में हेराफेरी की गई थी तो कहीं गलत तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री की गई थी। यहां सर्वाधिक शिकायतें रांची जिले के अंचल क्षेत्रों में गड़बड़ियों की पहुंचीं थीं। इसके बाद एसआईटी ने जिला प्रशासन से दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पत्राचार किया था।
एसआईटी की अनुशंसा पर ही एक मामले में चुटिया थाने में अंचलाधिकारियों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी, जिसपर बाद में विवाद भी उठा था।
