विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 05, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

JPSC प्रथम व द्वितीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की होगी दोबारा जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिए 4 माह

By Sujeet Kumar SumanEdited By:
Published: Mon, 05 Aug 2019 10:02 PM (IST)Updated: Tue, 06 Aug 2019 10:06 AM (IST)

Jharkhand. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। इसमें उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की बात कही गई है।

JPSC प्रथम व द्वितीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की होगी दोबारा जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिए 4 माह
JPSC प्रथम व द्वितीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की होगी दोबारा जांच, सुप्रीम कोर्ट ने दिए 4 माह

रांची, राज्य ब्यूरो। सुप्रीम कोर्ट में जेपीएससी (झारखंड लोक सेवा आयोग) द्वारा ली गई परीक्षाओं की जांच के मामले में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सीबीआइ ने सीलबंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है जिसमें कहा गया कि जेपीएससी प्रथम व द्वितीय परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाएगी। इस कार्य में समय लगेगा। इस पर जस्टिस दीपक गुप्ता व जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अदालत ने सीबीआइ को चार माह का समय दिया है। दरअसल जेपीएससी प्रथम व द्वितीय परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के अंक में छेड़छाड़ का आरोप लगा है जिसकी सीबीआइ जांच हो रही है।

अदालत ने 22 जुलाई को सुनवाई के दौरान सीबीआइ से जांच की अद्यतन रिपोर्ट मांगी थी। सीबीआइ ने बारह मामलों में से सात मामलों में प्रारंभिक जांच की जिसमें कुछ गड़बड़ी नहीं मिलने के बाद उसकी जांच बंद कर दी है। 2010-11 में हुई परीक्षा के लिए सीबीआइ जांच के लिए राज्य सरकार से अभियोजन की स्वीकृति मांगी है, जो लंबित हैं। अदालत ने चार सप्ताह में इस मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता तपेश कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

यह पूरा घटनाक्रम
झारखंड हाई कोर्ट ने 12 जून 2012 को जेपीएससी द्वारा ली गई 12 परीक्षाओं में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सीबीआइ जांच का आदेश दिया था। इस दौरान अदालत ने जेपीएससी की द्वितीय परीक्षा से नियुक्ति हुए अधिकारियों को काम करने से रोकते हुए उनके वेतन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद सभी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जिसके बाद 11 जुलाई 2014 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के सीबीआइ जांच के आदेश को निरस्त कर दिया।

इसके बाद प्रार्थी बुद्धदेव उरांव की ओर से पुनर्विचार याचिका दाखिल की गई। इसमें कहा गया कि हाई कोर्ट ने 12 परीक्षाओं की सीबीआइ जांच का आदेश दिया है। सिर्फ जेपीएससी द्वितीय की याचिका पर सुनवाई कर आदेश पारित नहीं किया जा सकता है जबकि सीबीआइ की ओर से इस मामले में पांच चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी हैं। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 27 जनवरी 2017 को इस मामले में सीबीआइ जांच को फिर से बहाल कर दिया।

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप