विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पिता का अनुभव, बेटे की ऊर्जा! रांची में एनीकान-2026 का आयोजन, न्यूरोसर्जरी के शोध और आधुनिक इलाज पर हुई चर्चा

Published: Mon, 12 Oct 2026 09:45 AM (IST)

रांची में एनीकान-2026 न्यूरोसाइंस सम्मेलन संपन्न हुआ, जहाँ प्रो. डॉ. अनिल कुमार और डॉ. विराट हर्ष ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ...और पढ़ें

प्रो. अनिल कुमार और डॉ. विराट हर्ष ने एनीकान-2026 में अहम भूमिका निभाई। जागरण

प्रो. अनिल कुमार और डॉ. विराट हर्ष ने एनीकान-2026 में अहम भूमिका निभाई। जागरण

HighLights

  1. प्रो. अनिल कुमार और डॉ. विराट हर्ष ने एनीकान-2026 में अहम भूमिका निभाई।

  2. डॉ. संजय कुमार अगले वर्ष न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष बनेंगे।

जागरण संवाददाता, रांची। चिकित्सा के क्षेत्र में अनुभव और नई पीढ़ी की ऊर्जा जब एक साथ आती है, तो उसके परिणाम दूर तक दिखाई देते हैं। रांची में संपन्न एनीकान-2026 में न्यूरोसर्जरी से जुड़े पिता-पुत्र प्रो. डॉ. अनिल कुमार और डॉ. विराट हर्ष की भूमिका इसी समन्वय की मिसाल बनी।

वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. डॉ. अनिल कुमार के अनुभव और मार्गदर्शन के साथ आयोजन सचिव डॉ. विराट हर्ष ने सम्मेलन के संचालन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय सम्मेलन ने रांची को देश-विदेश के न्यूरोसाइंस विशेषज्ञों के बीच शोध, आधुनिक उपचार और चिकित्सा नवाचार पर संवाद का मंच बनाया।

होटल चाणक्य बीएनआर में आयोजित सम्मेलन में देश-विदेश के न्यूरोलॉजिस्ट, न्यूरोसर्जन और चिकित्सा शोधकर्ता जुटे। झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का विषय तंत्रिका विज्ञान में शोध, निदान और उपचार के बीच बेहतर समन्वय रहा। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष सम्मेलन में अब तक के आयोजनों की तुलना में सर्वाधिक पंजीकरण हुए।

डॉ. संजय कुमार की राष्ट्रीय स्तर पर नई जिम्मेदारी 

सम्मेलन से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि डॉ. संजय कुमार के लिए रही। वे न्यूरोट्रॉमा सोसाइटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष-निर्वाचित हैं और अगले वर्ष संस्था के अध्यक्ष का पद संभालेंगे। यह जिम्मेदारी न्यूरोट्रॉमा के क्षेत्र में उनके पेशेवर योगदान और नेतृत्व को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ाने का अवसर होगी। झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने सम्मेलन के आयोजन में सहयोग देने वाले विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों के प्रति आभार जताया।

युवा चिकित्सकों को शोध और नई तकनीकों से जुड़ने का अवसर

एनीकॉन-2026 में केवल व्याख्यान ही नहीं हुए, बल्कि युवा चिकित्सकों को अपनी शोध गतिविधियां प्रस्तुत करने और वरिष्ठ विशेषज्ञों से सीखने का अवसर भी मिला। शोध एवं पोस्टर प्रस्तुतियों, प्रश्नोत्तरी और शल्य चिकित्सा तकनीकों पर आधारित वीडियो सत्र में युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।

अमेरिका से आए डॉ. शंकर गोपीनाथ ने वैश्विक शोध और तकनीकी प्रगति पर विचार रखे। वहीं, डॉ. एचपी नारायण ने मस्तिष्क विज्ञान के मानवीय और नैतिक पहलुओं पर चर्चा की।

पहले दिन आयोजित दर्द प्रबंधन कार्यशाला में 100 से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से दर्द से राहत देने वाली प्रक्रियाओं और रीढ़ से संबंधित उपचार तकनीकों की जानकारी दी गई। उद्घाटन समारोह में रांची के सांसद एवं केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ उपस्थित रहे।

शिलांग और कटक के चिकित्सकों को मिला सम्मान

सम्मेलन के अंतिम दिन बीसी राय गोल्ड मेडल के लिए न्यूरोलॉजी श्रेणी में शिलांग की डॉ. आकांक्षा और न्यूरोसर्जरी श्रेणी में कटक के डॉ. आशीष कुमार बेहरा के नाम घोषित किए गए। इसके बाद आयोजित शैक्षणिक कार्यक्रम में तंत्रिका रेडियोलॉजी और ब्रैकियल प्लेक्सस की चोटों के उपचार पर व्याख्यान हुए। सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।

झारखंड न्यूरोसाइंसेज सोसाइटी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. अनिल कुमार और सचिव डॉ. संजय कुमार के मार्गदर्शन में आयोजन सचिव डॉ. विराट हर्ष तथा डॉ. उज्ज्वल रॉय ने सम्मेलन के संचालन और विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।

आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से राज्य के चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ संवाद करने तथा नई उपचार पद्धतियों से परिचित होने का अवसर मिलता है। 

यह भी पढ़ें- रांची विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी से नई शिक्षा नीति प्रभावित, इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रम बाधित

यह भी पढ़ें- रांची में फुटपाथों से हटेंगी दुकानें, 53 वार्डों में वेंडिंग जोन के लिए जमीन की तलाश तेज