दुर्गापूजा पर रांची एयरपोर्ट पर तीन दिनों 20 हजार के पार पहुंची यात्रियों की संख्या, आसमान छू रहा हवाई किराया
दुर्गापूजा के दौरान रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई, तीन दिनों में 20 हजार से अधिक लोगों ...और पढ़ें

रांची एयरपोर्ट (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
दुर्गापूजा पर रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़।
तीन दिनों में 20,541 यात्रियों ने किया आवागमन।
त्योहारी मांग से हवाई किराए में भारी उछाल।
जागरण संवाददाता, रांची। दुर्गापूजा में अपनों के बीच पहुंचने की चाह ने रांची आने वाली उड़ानों में भीड़ बढ़ा दी है। घर लौटने की खुशी के साथ यात्रियों को महंगे हवाई टिकट का बोझ भी उठाना पड़ रहा है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर 16 अक्टूबर को यात्रियों की आवाजाही सात हजार के पार पहुंच गई। तीन दिनों में कुल 20,541 यात्रियों ने यहां से सफर किया।
रांची पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या यहां से जाने वालों से अधिक रही। एयरपोर्ट के दैनिक प्रचालन प्रतिवेदन के अनुसार, 14 अक्टूबर को 6,609 यात्रियों का आवागमन हुआ। अगले दिन यह संख्या बढ़कर 6,830 और 16 अक्टूबर को 7,102 पहुंच गई।
14 अक्टूबर की तुलना में 16 अक्टूबर को 493 अधिक यात्रियों ने सफर किया। आवाजाही में करीब साढ़े सात प्रतिशत की वृद्धि हुई।
तीन दिनों में 11 हजार से अधिक यात्री पहुंचे
त्योहारी आवाजाही में रांची आने वालों की बढ़त साफ दिखी। 14 से 16 अक्टूबर के बीच 11,017 यात्री रांची पहुंचे, जबकि 9,524 यात्रियों ने यहां से प्रस्थान किया। आने वालों की संख्या 1,493 अधिक रही।
अकेले 16 अक्टूबर को 3,729 यात्री पहुंचे और 3,373 रवाना हुए। तीनों दिन विमानों के 48-48 आवागमन निर्धारित थे। इसके मुकाबले क्रमशः 46, 44 और 46 आवागमन दर्ज किए गए।
बेंगलुरु से आने के लिए महंगे टिकट
अक्टूबर की कुछ तारीखों पर रांची आने का किराया ऊंचे स्तर पर रहा। एयर इंडिया एक्सप्रेस में बेंगलुरु से रांची के लिए 11 अक्टूबर का एकतरफा इकोनामी किराया 26,447 रुपये से प्रदर्शित था। 16 और 17 अक्टूबर के लिए किराया 15,793 रुपये से दिखाया गया।
बुकिंग के समय उपलब्ध सीटों और उड़ान के अनुसार किराया बदल सकता है। महंगे टिकट के कारण परिवार के कई सदस्यों के साथ आने वालों का यात्रा बजट बढ़ रहा है।
दीपावली-छठ तक मांग बने रहने के आसार
दुर्गापूजा के बाद दीपावली और छठ पर भी रांची आने वाली उड़ानों में मांग बने रहने के आसार हैं। इन त्योहारों की यात्रा के लिए ऊंचे किराये पहले से सामने आए हैं। हालांकि, हर तारीख और मार्ग पर किराया समान नहीं है। पूजा के बाद लौटने वाले यात्रियों की बुकिंग से प्रस्थान वाली उड़ानों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
