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Jharkhand: अब गोवंश का होगा अंतिम संस्कार, सिंजो गांव में पहले मुक्तिधाम का कृषि मंत्री ने किया शिलान्यास

Muktidham for cows कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रथम चरण में सभी प्रमंडलों में गो मुक्तिधाम निर्माण कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद सभी जिलों में ऐसी पहल की जाएगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिंजो गांव में मुक्तिधाम का शिलान्यास किया गया।

By Manoj SinghEdited By: Roma RaginiPublished: Sun, 29 Jan 2023 08:13 AM (IST)Updated: Sun, 29 Jan 2023 08:13 AM (IST)
Jharkhand: अब गोवंश का होगा अंतिम संस्कार, सिंजो गांव में पहले मुक्तिधाम का कृषि मंत्री ने किया शिलान्यास
सिंजो गांव में पहले मुक्तिधाम का कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने किया शिलान्यास (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, रांची। कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि पलामू जिले के नावा बाजार प्रखंड के सिंजो गांव में अब गोवंश का अंतिम संस्कार किया जाएगा। हिंदू आस्था का सम्मान करते हुए झारखंड सरकार ने यहां गो मुक्तिधाम बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह राज्य का पहला गो मुक्तिधाम होगा।

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कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रथम चरण में सभी प्रमंडलों में गो मुक्तिधाम निर्माण कराने का निर्णय लिया है। इसके बाद सभी जिलों में ऐसी पहल की जाएगी। उपायुक्तों को इसके लिए जमीन चिह्नित करने का आदेश दिया गया है। कृषि मंत्री शनिवार को रांची के हेसाग स्थित पशुपालन भवन में आयोजित पशु सिंजो ग्राम में गोवंश मुक्तिधाम के शिलान्यास समारोह में मेला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे।

इसी बीच उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत सिंजो गांव में मुक्तिधाम का शिलान्यास किया। कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य के किसानों और पशुपालकों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने में कई योजनाओं को आकार देने का प्रयास जारी है। सरकार आमजन की संस्कृति के अनुरूप कार्य कर रही है।

कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि पशु चिकित्सालय के लिए जल्द ही हम एंबुलेंस की व्यवस्था करने जा रहे हैं। यह पशुपालन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि होगी। सरकार राज्य के 100 पशु अस्पतालों को अपग्रेड कर उन्हें मॉडल एनिमल हास्पिटल बनाने जा रही है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टर उपलब्ध रहें।

उन्होंने आगे कहा कि पशुपालन यूनिवर्सिटी भी राज्य में बनाई जाएगी। वर्तमान में 42 हजार परिवार दुग्ध उत्पादन से जुड़े हैं। हमारा लक्ष्य है कि एक लाख परिवारों को दुग्ध उत्पादन से जोड़ा जाए। साथ ही सरकार का लक्ष्य है कि अभी राज्य में उत्पादित 1.8 लाख लीटर दूध का उत्पादन 5 लाख लीटर तक सुनिश्चित किया जाए।

पशुपालकों के लिए वेबसाइट लांच

कृषि सचिव ने राज्य के पशुपालकों के लिए एक वेबसाइट लांच किया। इस वेबसाइट के माध्यम से राज्य के पशुपालकों के पशुधन से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी।


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