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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब नहीं चलेगी दादागिरी... दुकानों पर MRP से अध‍िक कीमत पर नहीं बेची जाएगी शराब, पकड़े गए तो खैर नहीं

Published: Thu, 16 May 2024 11:18 AM (IST)

एमआरपी से अधिक मूल्य पर शराब बिक्री होने के किस्‍से अकसर सुनाई देते हैं लेकिन इस पर लगाम कसने की ...और पढ़ें

अब एमआरपी से अधिक मूल्य पर नहीं बिकेगी शराब
अब एमआरपी से अधिक मूल्य पर नहीं बिकेगी शराब

HighLights

  1. राज्य में बहुत हद तक शराब पर एमआरपी से अधिक कीमत की वसूली पर रोक
  2. अवैध शराब फैक्ट्रियां भी पकड़ाईं, राज्य की सीमाओं पर बढ़ी चौकसी
  3. तो दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब का धंधा भी रूका, लगातार कार्रवाई जारी

राज्य ब्यूरो, रांची। राज्य में अवैध शराब व एमआरपी से अधिक वसूली पर लगाम कसने की कवायद तेज है। उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने सभी जिलों के सहायक आयुक्त उत्पाद, उत्पाद अधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दे दिया है कि किसी भी कीमत पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अब नहीं चलेगी शराब दुकानदारों की दादागिरी

उन्होंने कहा है कि एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब बिकी तो उस उत्पाद दुकान के कर्मचारी के साथ-साथ संबंधित एजेंसी पर भी कार्रवाई होगी। उत्पाद सचिव के इस निर्देश का असर दिखने लगा है।

सभी जिलों में वहां के सहायक आयुक्त उत्पाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर यह सूचना आम जनता में प्रसारित कर रहे हैं कि जहां भी इस तरह की अनियमितता मिले उसका विरोध करें और विभाग को इसकी सूचना दें।

इसका असर यह पड़ा है कि पहले जिस तरह खुदरा शराब दुकानदार हक व दादागिरी से एमआरपी से अधिक मांगते थे, अब ऐसा नहीं है। हालांकि, यह समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जिसे खत्म करने की कोशिश जारी है।

एमआरपी से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री में विभागीय अधिकारियों-कर्मियों की संलिप्तता संदेह के घेरे में रही है। इसके लिए विभाग के कर्मियों-पदाधिकारियों की संलिप्तता उजागर होती रही है और वैसे पदाधिकारियों-कर्मियों पर विभागीय कार्यवाही के लिए कार्मिक विभाग से समन्वय किया गया है, ताकि कम समय में विभागीय कार्यवाही का संचालन पूरा हो सके। इस कार्य में भी तेजी आई है।

सीसीटीवी से होगी दुकानों की निगरानी

उत्पाद सचिव ने शराब की सभी खुदरा दुकानों में सीसीटीवी कैमरा लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इतना ही नहीं, शराब की कीमत से संबंधित प्राइस लिस्ट भी बेहतर डिस्प्ले के साथ लगाने का निर्देश है, ताकि आम जनता एमआरपी से अधिक कीमत न दे सके। इसकी विधिवत तरीके से माॅनीटरिंग भी की जाएगी। जहां से शिकायत मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी।

विकसित किया खुफिया तंत्र, लगातार पकड़ी गईं नकली फैक्ट्रियां

उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने बताया कि उत्पाद सचिव बनते ही उन्होंने सबसे पहले अपने खुफिया तंत्र को विकसित किया। इसका असर यह हुआ कि बोकारो, जामताड़ा व सरायकेला में नकली शराब फैक्ट्री पकड़ी गई।

सभी जिलों में टीम बनाकर छापामारी की जा रही है, उसका फालोअप भी कराया जा रहा है। रांची में सिंघानिया के विरुद्ध कार्रवाई, हजारीबाग में भी छापेमारी हुई। अवैध शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी है। सूचनाएं गोपनीय रखी जाती है और प्रशासनिक सहयोग से छापेमारी की जाती है।

राज्य की सीमा सील, दूसरे राज्यों की अवैध शराब की सप्लाई रोकी

उत्पाद विभाग ने राज्य की सीमा को सील कर रखी है। पहले दूसरे राज्य पश्चिम बंगाल, हरियाणा, पंजाब आदि से अवैध तरीके से शराब की सप्लाई झारखंड में हो रही थी। उसे रोकने के लिए इंटर स्टेट सप्लाई चेन को ध्वस्त किया गया है।

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