जागरण संवाददाता, रांची : लोकसभा चुनाव के दौरान 3 मई को नामकुम में पूर्वी सिंहभूम के खनन पदाधिकारी निरंजन प्रसाद की कार से बरामद 50 लाख 91 हजार 800 रुपये की बरामदगी मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की है। इस कांड के आरोपित निरंजन प्रसाद जेल में हैं। नामकुम पुलिस उनके विरुद्ध कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल कर चुकी है। मामला भ्रष्टाचार से संबंधित होने के चलते केस 11 जुलाई को एसीबी को स्थानांतरित किया गया था। डेढ़ महीने बाद भी एसीबी इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकी है।

हालांकि, एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि उन्हें आदेश कहां से व किस स्तर पर मिला, यह फाइल देखकर ही बता सकेंगे। जबकि, इस कांड की सुनवाई भी एसीबी की विशेष अदालत में होनी है, क्योंकि केस भी वहीं पर सूचीबद्ध है। एसीबी से जानकारी नहीं मिलने के चलते विशेष अदालत उक्त केस में संज्ञान नहीं ले पा रही है। केस लंबित है। जेल में बंद आरोपित की ओर से 14 अगस्त को ही जमानत याचिका दाखिल की गई थी, जिसपर सुनवाई होनी है।

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नामकुम थाने की पुलिस दाखिल कर चुकी है आरोप पत्र

आरोपित के खिलाफ नामकुम थाने में धारा 177, 179, 403, 408, 411, 413 भादवि के तहत कांड संख्या 125/19 दर्ज है। नामकुम पुलिस उक्त कांड में अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। मामला भ्रष्टाचार से जुड़े होने के कारण आगे की जांच एसीबी को करनी है। वर्तमान में केस एसीबी की विशेष अदालत में सूचीबद्ध है।

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रिश्वत की बात कबूली, पहले से थे निलंबित

नामकुम पुलिस की पूछताछ में आरोपित ने यह बयान दिया था कि उक्त रुपये विभिन्न ठेकेदारों, खनन माफिया से रिश्वत में मिले थे। यह भी जानकारी मिली कि इससे पूर्व आरोपित लोहरदगा में पदस्थापित थे। मार्च 2019 में रिश्वत से संबंधित एक वीडियो वायरल होने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

Posted By: Jagran

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