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रांची, जासं। झारखंड की राजधानी रांची में रविवार को एक अधेड़ महिला का फंदे से लटकता हुआ शव मिला है। महिला का क्षत-विक्षत और विकृत लाश देखकर एक पल के लिए पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। सारा मोहल्‍ला सिहर उठा। रांची के डीबडीह के एक मकान पर रहने वाली महिला ने फंदे से झूल कर आत्महत्या कर ली है। महिला का नाम स्वागताकार मुखर्जी (45) है। दुर्गंध आने पर पड़ोस के लोगों ने रविवार को पुलिस को सूचना दी। महिला अविवाहित है, वह घर पर अकेली रहती थी। माता-पिता बहन के घर देहरादून गए हुए हैं। 

एकाकीपन किस कदर घातक है, इसकी एक बानगी राजधानी स्थित डिबडीह में देखने को मिली। डिबडीह के प्रगति विहार में मकान संख्या 21 में अकेली रहने वाली स्वागता कर मुखर्जी (45) का शव कम से कम पंद्रह दिनों तक घर में फांसी के फंदे पर लटका रहा। पहली नजर में स्वागता द्वारा फंदे से लटककर खुदकशी करने की आशंका है। पंद्रह दिनों तक पड़ोसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

स्वागता के माता-पिता उनकी बड़ी बहन शर्मिला कर के साथ देहरादून में रहते हैं। पिछले दस दिनों से शर्मिला स्वागता को फोन कर रही थी। दस दिन पूर्व तक फोन पर रिंग होते रहा, इसके बाद फोन बंद हो गया। अनहोनी की आशंका से शर्मिला रविवार को देहरादून से रांची पहुंची। डिबडीह प्रगति विहार स्थित घर गई और दरवाजा खुलवाने की कोशिश की लेकिन नहीं खुला। दरवाजा नहीं खुलने पर शर्मिला कर शोर मचाने लगी। यह सुनकर आसपास के लोग जुटे और पुलिस को सूचना दी गई।

डोरंडा पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद घर का दरवाजा तोड़ा गया। स्वागता का शव फंदे से लटक रहा था। तेज दुर्गंध आ रही थी। शरीर काला पड़ा गया था। शव के आसपास कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया गया है। इधर, पुलिस आशंका जता रही है कि स्वागत करीब एक महीने पहले से फंदे से लटकी होगी। मौके पर एफएसएल की टीम भी पहुंची थी। पुलिस ने शव को उतरवाया और फंदा बनाए गए दुपट्टे व अन्य सामानों को एफएसएल जांच के लिए भेज दिया गया। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेजा गया। मामले में मृतका की बहन शर्मिला कर के बयान पर डोरंडा थाने में यूडी केस दर्ज किया है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।

डिप्रेशन की शिकार थी स्वागता : स्वागता की बहन शर्मिला ने बताया कि किसी से ज्यादा बात नहीं करती थी। काफी दिनों से वह अकेले ही रहती थी। शादी भी नहीं की थी। काफी डिप्रेशन में थी। स्वागता का शव फंदे से झूलता मिलने के बाद मोहल्ले में सनसनी फैल गई।

बहन से जनवरी में हुई थी आखिरी बार बात : बहन शर्मीला कर ने बताया कि स्वागता से आखिरी बातचीत जनवरी में हुई थी। इसके बाद से कोई संपर्क नहीं हुआ। पिछले दस दिनों से लगातार वह उससे बात करने का प्रयास कर रही थी। मगर वह कॉल नहीं उठा रही थी। पुलिस मामले को आत्महत्या मान कर जांच कर रही है।
अनहोनी से भी इन्कार नहीं : महिला घर पर अकेली रहा करती थी। इसलिए किसी प्रकार की अनहोनी से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। पुलिस उसकी मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाल रही है।  

15 दिन पहले ही स्वागता ने की होगी खुदकुशी:  स्वागता ने अधिक से अधिक 15 दिन पहले खुदकुशी की होगी। हालांकि पुलिस आशंका जता रही है कि महीनेभर पहले की घटना हुई होगी। दरअसल स्वागता की बहन ने रांची पहुंचने के बाद बताया है कि उसने बहन को 10 दिन पहले फोन किया था। कुछ समय बाद फोन बंद हो गया। इससे साफ है कि 10 दिन पहले स्वागता का फोन एक्टिव था। सामान्य फोन भी हो तो अधिक से अधिक तीन से चार दिन ही चार्ज रह सकता है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि स्वागता की मौत लगभग 15 दिन पहले हुई होगी।

'मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। घटना करीब एक महीने पुरानी लग रही। कई बिंदुओं पर छानबीन चल रही है। रमेश कुमार, इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी डोरंडा रांची।

Posted By: Alok Shahi

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