रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों की निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी पुनर्गठित की गई है। एससी-एसटी अत्याचार निवारण नियमावली 1995 के प्रविधानों के तहत राज्य स्तरीय उच्च शक्ति प्राप्त सतर्कता और अनुश्रवण समिति का पुनर्गठन किया गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गठित इस समिति में कल्याण मंत्री चंपाई सोरेन, वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, महिला विकास मंत्री जोबा मांझी, राज्यसभा सदस्य शिबू सोरेन, समीर उरांव, लोकसभा सदस्य विजय हांसदा, सुनील सोरेन, गीता कोड़ा, अर्जुन मुंडा, सुदर्शन भगत, विष्णु दयाल राम सदस्य बनाए गए हैं।

इनके अलावा विधायक लोबिन हेम्ब्रम, दिनेश विलियम मरांडी, स्टीफन मरांडी, नलिन सोरेन, बसंत सोरेन, सीता मुर्मू, नारायण दास, किशुन कुमार दास, बाबू लाल मरांडी, केदार हाजरा, अमर कुमार बाउरी, रामदास सोरेन, संजीव सरदार, मंगल कालिन्दी, दीपक बिरुवा, निरल पुरती, सोनराम सिंकू, सुखराम उरांव, दशरथ गागराई, विकास कुमार मुंडा, कोचे मुंडा, नीलकंठ सिंह मुंडा, राजेश कच्छप, समरी लाल, बंधु तिर्की, जिगा सुसारण होरो, भूषण तिर्की, चमरा लिंडा, भूषण बाड़ा, नमन विक्सल कोनगाड़ी, रामचन्द्र सिंह, बैधनाथ राम, पुष्पा देवी भी सदस्य बनाए गए हैं।

इनके अलावा सदस्य के रूप में मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के निदेशक या उपनिदेशक भी सदस्य बनाए गए हैं। कल्याण विभाग के सचिव कमेटी के संयोजक बनाए गए हैं। उच्च शक्ति प्राप्त सतर्कता और अनुश्रवण समिति की बैठक अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन, पीड़‍ित व्यक्तियों को दी गई राहत और पुनर्वास सुविधा तथा उससे संबद्ध अन्य मामले, अधिनियम के अंतर्गत मामलों का अभियोजन अधिनियम के उपबंधों के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार विभिन्न अधिकारियों और संस्थाओं की भूमिका पर विचार के लिए प्रति वर्ष जनवरी व जुलाई में इस कमेटी की बैठक होगी।

Edited By: Sujeet Kumar Suman