रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डा. रवि रंजन व जस्टिस एसएन प्रसाद की खंडपीठ में राज्य के फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) के रिक्त पदों के मामले में गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने एफएसएल के रिक्त पदों पर तीन माह में नियुक्ति करने का निर्देश राज्य सरकार और जेपीएससी को दिया है। अदालत ने कहा कि स्वीकृत पदों पर किसी भी हाल में आउटसोर्स से नियुक्ति नहीं की जा सकती है। साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को सभी जिलों में चलंत प्रयोगशाला की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया है।

अदालत ने इस मामले में गृह सचिव से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सुनवाई के दौरान राज्य के गृह सचिव और एफएसएल के निदेशक अदालत में हाजिर थे। गृह सचिव ने कोर्ट को भरोसा दिया कि छह माह में सभी रिक्त पद भर दिए जाएंगे। एफएसएल में सभी आधुनिक और जांच के लिए जरूरी उपकरण लगा दिए जाएंगे और सभी चलंत प्रयोगशालाएं भी चलने लगेंगी। इस पर अदालत ने गृह सचिव को दो सप्ताह में शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया।

यह है पूरा मामला

धनबाद के जज उत्तम आनंद हत्याकांड मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई थी कि रांची के एफएसएल में कुछ जरूरी जांच के उपकरण नहीं हैं। इस कारण आरोपितों के सैंपल दूसरे राज्य में भेजा गया है। यहां कई विशेषज्ञ भी नहीं हैं। सैंपल की रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने से जांच प्रभावित हो रही है। इस पर अदालत ने सरकार और एफएसएल के निदेशक और गृह सचिव से जानकारी मांगी थी। सरकार के जवाब से यह पता चला था कि एफएसएल में कई पद रिक्त हैं। ये सारे पद स्वीकृत हैं, लेकिन इस पर नियुक्ति नहीं हो पा रही है।

Edited By: Sujeet Kumar Suman