रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की महिलाओं के हड़िया-दारु जैसे पेशे से जुड़ने को अभिशाप बताया है। गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में ग्रामीण विकास विभाग द्वारा शुरू की गई दीदी हेल्पलाइन सेवा के मौके पर आयोजित कार्यकम में मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी राज्य के लिए इससे बड़ा अभिशाप क्या हो सकता है कि वहां की महिलाएं हड़िया-दारु बेचें। उन्होंने कहा कि क्योंकि इस राज्य में गरीबी है, पिछड़ापन है। इसलिए महिलाएं हड़िया-दारु बेचने को मजबूर हैं। कहा, महिलाओं को इस पेशे से मुक्ति दिलाने के लिए फूलो-झानो आशीर्वाद योजना लाई गई है।

कहा, हमने तय किया है कि महिलाओं को हड़िया दारु के पेशे से बाहर निकालना है। जब महिलाएं हड़िया-दारु बेच सकती हैं, तो वे दुकान भी चला सकती हैं, या अन्य माध्यम से आजीविका चला सकती हैं। आप राशन दुकान, चाय दुकान, ब्यूटी पार्लर चला सकती हैं। साग-सब्जी की दुकान चला सकती हैं। गाय, मुर्गी व बकरी पालन कर सकती हैं। इस मौके मुख्यमंत्री ने फूलाे-झानो आशीर्वाद योजना के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के बीच ब्याज रहित ऋण का भी वितरण किया। सीएम ने सखी मंडल की महिलाओं से ऑनलाइन संवाद भी किया और फूलो-झानो अभियान के तहत अच्छा कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित भी किया।

महिलाएं उत्पादन करें, सरकार बनेगी खरीदार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि महिलाएं उत्पादन करें, राज्य सरकार उनके उत्पादों को खरीदेगी। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने सप्ताह में 6 दिन सरकारी स्कूलों में बच्चों को अंडा देने का निर्णय लिया है। महिलाएं मुर्गी पालन से जुड़ सकती हैं। सरकार सारे अंडे खरीदेगी। इसी प्रकार खेती बाड़ी करें, सरकार अनाज भी खरीदेगी। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को पत्तल बनाने का भी सुझाव दिया। कहा, आजकल शादी ब्याह में थर्माकोल की प्लेट इस्तेमाल की जा रही है।

प्लास्टिक और थर्माकोल पर्यावरण के लिए हानिकारक है। उन्होंने उपस्थित सखी मंडल की महिलाओं से कहा कि वे पत्तल बनाएं। पत्तल बनाने के लिए सरकार डाई भी देगी और जितनी जल्द इसका उत्पादन बढ़ेगा, उतनी ही जल्द हम थर्माकोल को राज्य में बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि हम बहुत जल्द ऐसी व्यवस्था करने वाले हैं, जिससे आपकी साग-सब्जी की खरीदार सरकार ही होगी। सरकार दूध खरीद रही है, अन्य उत्पादों को भी खरीदेगी।

पलाश ब्रांड बनेगा झारखंड की पहचान : आलमगीर आलम

ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि आने वाले समय में जेएसएलपीएस का पलाश ब्रांड झारखंड की पहचान बनेगा। आने वाले समय में पलाश के उत्पाद सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश में बिकेंगे। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि गांव-गांव तक, चाहे महिला हो या पुरुष, सभी को कुछ न कुछ करना होगा। उन्होंने बीमा कराओ अभियान के तहत तय लक्ष्य 30 लाख के विरुद्ध अब तक किए गए 25 लाख बीमा के लिए जेएसएलपीएस की सराहना की।

Edited By: Sujeet Kumar Suman