रांची, जासं । सावन के दूसरे सोमवार की धूम शहर में देखने को मिल रही है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरकारी आदेश के तहत शहर के बड़े शिव मंदिर बंद हैं। हालांकि छोटे शिव मंदिरों में लोग पूजा के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं संक्रमण को देखते हुए ज्यादातर लोग अपने घरों में भी भगवान की पूजा कर रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शिव धरती लोक में होते हैं। इसलिए भगवान को प्रसन्न करने का इससे बेहतर महीना कोई नहीं है।

आज पहाड़ी बाबा का होगा दिव्य श्रृंगार

सावन के दूसरे सोमवार को पहाड़ी बाबा मंदिर बंद है। मगर फिऱ भी भक्तों को निराश होने की जरूरत नहीं है। भक्त बाबा का ऑनलाइन दर्शन कर सकते हैं। इसकी व्यवस्था मंदिर प्रबंधन के द्वारा की गयी है। आज सुबह बाबा की महाआरती की गयी। इसके बाद बाबा का रूद्री पाठ के साथ रूद्राभिषेक और श्रृंगारी पूजा शाम सात बजे से शुरू होगा। मंदिर के कोषाध्यक्ष अभिषेक आनंद ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए ऑनलाइन पूजन की व्यवस्था की गई है। विशेष पूजन के लिए 101 रुपये जबकि रुद्राभिषेक के लिए 1101 रुपये तय किया गया है। इसके लिए पहाड़ी मंदिर की वेबसाईट पहाड़ीमंदिररांची डॉट कॉम पर जाकर अपनी इच्छानुसार राशि जमा कर सकते हैं।

बेहतर हो रही फूलों की बिक्री

मंदिरों के बंद होने के बाद फूलों की बिक्री बेहतर हो रही है। फूल विक्रेता बताते हैं कि बड़े मंदिरों के बंद होने का असर तो फूल के बाजार पर पड़ा ही है। मगर लोग घरों में पूजा और अभिषेक के लिए बेहतर खरीदारी कर रहे हैं। इस वर्ष फूलों के बने शिवलिंग की मांग काफी ज्यादा है। लोग एक से दो दिन पहले ऑडर देकर फर्न, रजनीगंधा, गेंदा आदि का बनवा रहे हैं। इसके साथ ही घर में पूजा करने के लिए बड़े मालों की भी मांग बढ़ी है।

इस सामग्रियों से करें महादेव की पूजाऐसी मान्यता है कि भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए केवल एक लोटा जल ही काफी। भगवान बहुत जल्दी संतुष्ट और प्रसन्न हो जाते हैं। हालांकि शास्त्रों में भगवान की पूजा के लिए विभिन्न फूल और फल आदि के समर्पण का विधान है। भगावन शिव की पूजा में पुष्प, पंच फल पंच मेवा, रत्न, सोना, चांदी, दक्षिणा, पूजा के बर्तन, कुशासन, दही, शुद्ध देशी घी, शहद, गंगा जल, पवित्र जल, पंच रस, इत्र, गंध रोली, मौली जनेऊ, पंच मिष्ठान्न, बिल्वपत्र, धतूरा, भांग, मंदार पुष्प, गाय का कच्चा दूध, ईख का रस, कपूर, धूप, दीप, रूई, चंदन, शिव व मां पार्वती की श्रृंगार की सामग्री आदि का विधान है।

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- 04.19 सुबह से 05.01सुबह

अभिजित मुहूर्त- 12.00 दोपहर से 12.54 दोपहर

विजय मुहूर्त- 02.42दोपहर से 03.36 शाम

गोधूलि मुहूर्त- 06.58 शाम से 07.22शाम

अमृत काल- 08.00 रात से 09:49 रात

Edited By: Vikram Giri