रांची, राज्‍य ब्‍यूरो। Jharkhand Lockdown AGAIN झारखंड में 29 अप्रैल तक संपूर्ण लॉकडाउन लगाया गया है। मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को इसकी औपचारिक घोषणा की। 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक झारखंड में लॉकडाउन स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के नाम से लगाया गया है। लॉकडाउन 22 अप्रैल की सुबह छह बजे से 29 अप्रैल की सुबह छह बजे तक प्रभावी रहेगा। झारखंड में कई रियायतों के साथ लॉकडाउन लगाया गया है। सरकार की ओर से जारी आदेश में जिम, शिक्षण संस्थान, स्वीमिंग पुल, सिनेमा हॉल, पार्क, होटल-रेस्टोरेंट (बैठकर खाने पर प्रतिबंध), राशन, सब्जी व दवा की दुकानों को छोड़कर सभी दुकानें, मॉल, शराब की दुकानें बंद कर दी गई हैं।।

झारखंड में 22 अप्रैल की सुबह छह बजे से 29 अप्रैल की सुबह छह बजे तक लॉकडाउन प्रभावी रहेगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्चस्तरीय बैठक के बाद इसका आदेश  जारी किया। लॉकडाउन लागू होने के बाद अब राज्‍य में बेवजह घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी गई है। सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुली रहेंगी। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में निषेधाज्ञा लागू की गई है। एक स्थान पर पांच से अधिक व्यक्तियों का एकत्रित होना वर्जित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने आधिकारिक घोषणा कर झारखंड में 22 अप्रैल से 29 अप्रैल तक लाकडाउन लगाने का एलान किया है। राज्य सरकार ने इसे स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह का नाम दिया है। आवश्यक वस्तुओं को छोड़ सारी दुकानें बंद रहेंगी। बगैर अनुमति के लोग अनावश्यक घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। धार्मिक स्थल खुले रहेंगे लेकिन श्रद्धालुओं पर प्रतिबंध रहेगा। भारत सरकार व राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालयों को छोड़कर अन्य कार्यालय बंद रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने निर्णय लेने के पूर्व वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की, बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, नगर विकास सचिव विनय चौबे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का मौजूद थे।

कोरोना वायरस महामारी के चलते झारखंड में बेतहाशा बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड में 22 अप्रैल की सुबह छह बजे से 29 अप्रैल की सुबह छह बजे तक के लिए राज्‍यभर में लॉकडाउन लगा दिया है। इस दौरान केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुलेंगी। इस अवधि में कोई घर से बाहर निकलता है तो उसे पुलिस को ठोस वजह बतानी होगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को राज्‍य के आला अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला किया। इसके बाद सीएम ने वीडियो जारी कर स्वयं लॉकडाउन की तमाम बंदिशों की घोषणा की।

राज्य में लॉकडाउन के दौरान कुछ रियायतें भी दी गई हैं। लॉकडाउन अवधि यानी 22 अप्रैल सुबह छह बजे से 29 अप्रैल सुबह छह बजे तक राशन, दवा, सब्जी (आवश्यक सामग्री) की दुकानों को छोड़ तमाम दुकानें बंद कर दी गई हैं। केंद्र सरकार, राज्य सरकार और प्राइवेट सेक्‍टर के चिह्नित कार्यालयों को छोड़कर पूरे प्रदेश में तमाम कार्यालय बंद रहेंगे। राज्‍य में कृषि, औद्योगिक, निर्माण और खनन कार्य पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, इनकी गतिविधियां चलती रहेंगी। धार्मिक स्थल में श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित कर दिया गया है। घर से बाहर सिर्फ अनुमति प्राप्त कार्यों के लिए ही निकला जा सकता है। आवागमन पर रोक नहीं रहेगा, उचित कारण बताने और परिचय दिखाने पर आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। दवा खरीदने के लिए डॉक्टर का पर्चा दिखाना अनिवार्य होगा।

झारखंड में 29 अप्रैल तक लगा लॉकडाउन

  • दूसरे राज्‍यों ट्रेन से झारखंड पहुंचने वाले लोगों को उनके गांव तक ले जाने के लिए सरकार के स्‍तर पर व्यवस्था दुरुस्त रखी जाएगी।
  • राज्य में इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट आवागमन को प्रभावित नहीं किया जाएगा।
  • एक जिले से दूसरे जिलों के लिए वाहनों का आवागमन जारी रहेगा। झारखंड से पड़ोसी राज्यों तक भी बसें फिलहाल चलती रहेंगी।
  • धार्मिक स्थलों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों में लोगों की संख्या सीमित कर दी गई है।
  • सार्वजनिक स्थलों पर धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगाएगी सरकार।
  • सेक्टर वाइज लॉकडाउन करने के व्यवसायिक संगठनों के सुझाव पर भी सरकार गंभीर है।
  • आज आपदा प्रबंधन विभाग की बैठक बुलाकर सरकार बड़ा फैसला कर सकती है।

इससे पहले भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने बीते दिन मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन से फोन पर बात की थी और झारखंड में कोरोना वायरस संक्रमण से बेकाबू हो रहे हालात को संभालने के लिए राज्‍य में कम से कम एक सप्‍ताह के लिए संपूर्ण लॉकडाउन की मांग की थी। सीएम की सर्वदलीय बैठक में झारखंड मुक्ति मोर्चा, भाजपा, राजद ने झारखंड में लॉकडाउन लागू करने की वकालत की थी। कांग्रेस के कार्यकारी अध्‍यक्ष राजेश ठाकुर ने भी कोरोना पर नियंत्रण के लिए झारखंड में लॉकडाउन लागू करने की मांग की है।

मुख्यमंत्री आवास में मंगलवार को वरीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।

29 अप्रैल तक बाबा मंदिर में भक्त नहीं कर सकेंगे पूजा अर्चना

सरकार के सुरक्षित सप्ताह मनाने के फैसले के बाद द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ की पूजा की लालसा रखने वाले भक्तों को 29 अप्रैल तक इंतजार करना होगा। 22 से 29 अप्रैल तक बाबा की पूजा केवल पुरोहित करेंगे। मतलब केवल दैनिक पूजा भोलेनाथ की होगी। प्रात:कालीन पूजा के लिए बाबा का पट खुलेगा। कांचाजल चढ़ेगा। सुबह की विशेष पूजा होगी और पट बंद हो जाएगा। शाम में श्रृंगार पूजा भी इसी तरह पुरोहित ही करेंगे। इसमें भी भक्तों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि सरकार ने एक सप्ताह का सुरक्षित सप्ताह का निर्णय लिया है। इसमें धार्मिक स्थल तो खुले रहेंगे लेकिन श्रद्धालुओं का प्रवेश नहीं होगा। सरकार के इसी निर्णय के आलोक में तय किया गया है कि बाबा बैद्यनाथ की प्रात:कालीन पूजा होगी उसके बाद मंदिर बंद हो जाएगा। इसके लिए मंदिर के दरवाजे पर सुरक्षा का कड़ा पहरा भी रहेगा।

29 के बाद ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और पूजा पर फैसला

मंगलवार को जिला प्रशासन को मंदिर का वेबसाइट जारी करना था। ऑनलाइन पास और पूजा की व्यवस्था 24 अप्रैल से लागू होने वाली थी। इसी बीच सरकार का निर्णय आ गया। अब यह सिस्टम सरकार के अगले आदेश पर निर्भर करता है। हालांकि इस संबंध में उपायुक्त ने जानकारी दी कि वेबसाइट बनाने का काम चल रहा है। इसे लांच करने के बाद प्रशासनिक स्तर पर इसकी घोषणा कर दी जाएगी। जब वेबसाइट लांच होगा तब यह तय होगा कि एक हजार पास एक दिन में निर्गत किए जाएं या उसकी संख्या कम कर दी जाए। लेकिन यह तय है कि कोरोना संक्रमण के फैलाव को देखते हुए यात्रियों की संख्या में कटौती आवश्यक है। रजिस्ट्रेशन में आधार के साथ एक स्व घोषणापत्र देना होगा कि कोविड का कोई लक्षण नहीं है । यदि कोई टेस्ट कराया है तो उसे वेबसाइट पर शेयर करना होगा।

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