रांची, जासं। वाट्सएप की नई पाॅलिसी से आमलोगों के साथ व्यापारी वर्ग भी परेशान दिख रहा है। अभी तक वाट्सएप के द्वारा दावा किया जाता रहा है कि इसके मैसेज एंड टू एंड एन्क्रिप्टेड हैं। मगर अब नई पाॅलिसी के तहत वाट्सएप की अब इस पर नजर रहेगी। एप में दिए जा रहे नए टर्म एंड कंडिशन के तहत शर्त न मानने वाले यूजर का अकाउंट डिलिट हो जाएगा। ऐसे में अपनी निजता को लेकर व्यापारी वर्ग में परेशानी दिख रही है। व्यापारियों का कहना है कि आज ज्यादातर व्यापार ऑनलाइन हो गया है। ऐसे में व्यापार से जुड़ी कई जरूरी, अहम और निजी बातें वे वाट्सएप के जरिए बेफ्रिक्र होकर करते थे। मगर अब इससे उनके लिए खतरा पैदा हो गया है। ऐसी हालात में रांची शहर में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने वाट्सएप से किनारा करना शुरू कर दिया है।

क्या कहते हैं व्यापारी

अपर बाजार के कपड़ा व्यापारी मनजीत सिंह बताते हैं कि हमारे व्यापार का आधा काम ऑनलाइन वाट्सएप पर हो जाता था। कंपनी से कपड़ों के डिजाइन आदि की फोटो आती है। यहां से पसंद करके वाट्सएप पर ऑर्डर देते हैं और पैसे भी कंपनी को ऑनलाइन ट्रांसफर करते हैं। ऐसी ही स्थिति‍ बाजार के हर छोटे-बड़े व्यापारी की है। मगर इस बीच हर व्यापारी अपने व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कुछ तोड़-जोड़ करता है तो यह उसका निजी मामला है। अगर वाट्सएप के जरिए यह जानकारी भी लोगों को मिलने लगे तो व्यापार ही ठप पड़ जाएगा। इसलिए हमने दूसरे ऑप्‍शन का चुनाव कर लिया।

स्टेटस में वाट्सएप दे रहा सफाई

रविवार की सुबह हर वाट्सएप यूजर के स्टेटस में कंपनी की तरफ से स्टेटस लगाया गया है। कंपनी ने यह स्टेटस ऑटो मोड पर लगाया है। इसमें कंपनी ने अपने यूजर को सफाई दी है कि उनका डाटा अभी भी एंड टू एंड एन्क्रिप्‍टेड है। इसके साथ ही अन्य बातें भी लिखी हैं। मगर यह स्टेटस सीन होने के बाद कुछ देर में ही खुद से गायब भी हो गया।

रांची में बढ़े टेलीग्राम और सिग्नल के यूजर

वाट्सएप को लेकर शुरू हुए बवाल के बाद से रांची में टेलीग्राम और सिग्नल के यूजर की संख्या में काफी तेजी से वृद्धि हुई है। इसमें हर वर्ग और पेशे के लोग शामिल हैं। सिग्नल पर भी डाटा एंड टू एंड एन्क्रिप्‍टेड है। वहीं टेलीग्राम एप मैसेजिंग के अलावा कई तरह की सुविधा देता है।

प्रतिक्रिया

वाट्सएप पर बातें सुरक्षित नहीं हैं। इसलिए मैंने अब एप बदल लिया है। दूसरे एप भी बेहतर हैं। व्यापारियों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह है कि हम पैसे के लेन देन की बातें भी वाट्सएप पर कर लेते हैं। नई नीति से हमारी निजता खतरे में आ जाएगी। -विकास विजयवर्गीय, कपड़ा व्यापारी।

कई बार वाट्सएप पर क्लाइंट से ऐसी बातें होती हैं जो गुप्त होती है। इसके अलावा रुपये पैसे के लेनदेन की बातें भी आम है। मगर चूंकि वाट्सएप पर जानकारी साझा होने का डर है इसलिए मैंने समय पर मैसेजिंग एप बदल लिया। -रवि कुमार, रियल स्टेट कारोबारी।

कई बार दिल्ली, कोलकाता या मुंबई से माल वाट्सएप के जरिए ही मंगवा लेता था। एप पर ही दाम तय होता और पैसे ऑनलाइन भेज देते हैं। अब अगर मेरे सामान के मार्जिन की जानकारी सभी को होगी तो व्यापार कैसे चलेगा। इसलिए वाट्सएप छोड़ दिया। -विनय कुमार, इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी।

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