रांची, राज्य ब्यूरो। झारखंड हाई कोर्ट ने करोना संकट के बीच ऑनलाइन और फिजिकल कोर्ट चलाने का निर्णय लिया है। इसके लिए हाई कोर्ट की ओर से एक नोटिस जारी किया गया था। इसे लेकर झारखंड हाई कोर्ट का एडवोकेट एसोसिएशन पूरी तरह से सहमत नजर आ रहा है। दरअसल झारखंड हाई कोर्ट के एडवोकेट एसोसिएशन ने ही कुछ दिनों पूर्व चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर फिजिकल कोर्ट शुरू करने की मांग की थी।

एसोसिएशन का कहना था कि करोना संकट के चलते कई महीनों से ऑनलाइन सुनवाई हो रही है। इसके चलते कई अधिवक्ताओं के बीच आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। फिजिकल कोर्ट सुनवाई होने से उन्हें राहत मिल सकती है। इसके बाद हाई कोर्ट ने एक नोटिस जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि जो भी अधिवक्ता जिन-जिन मामलों में फिजिकल या ऑनलाइन सुनवाई चाहते हैं उस पर अपना मंतव्य दें।

हाई कोर्ट के नोटिस में यह भी कहा गया है कि 2 नवंबर से दाखिल होने वाली नई याचिकाओं में स्पष्ट रूप से लिखा जाए कि वह इन मामले की फिजिकल सुनवाई चाहते हैं या ऑनलाइन। इसी तरह लंबित मामलों में भी कोर्ट ने वकीलों का मंतव्य मांगा है ताकि फिजिकल कोर्ट की शुरुआत की जा सके। इस पर एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी धीरज कुमार ने कहा कि वे झारखंड हाईकोर्ट के नोटिस से संतुष्ट हैं। क्योंकि कोर्ट अब फिजिकल सुनवाई की ओर बढ़ने की प्रक्रिया अपना रहा है और हम लोगों की मांग भी यही थी। इससे वकीलों को राहत मिलेगी।

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