जागरण संवादददाता, राची: आइआइएम राची और एंटरप्रेन्यॅरशिप डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद(इडीआइए) दोनों मिलकर युवाओं को एंटरप्रेन्यॅरल करियर की ओर जोड़ने का काम करेगा। इसके लिए उद्यमिता और कौशल विकास पर सर्टिफिकेट कोर्स डेवलेप किया जाएगा। शुक्रवार को आइआइएम राची व एंटरप्रेन्यॅरशिप डेवलेपमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद के बीच ऑनलाइन एमओयू हुई। इडीआइ की ओर से डायरेक्टर जेनरल डॉ. शुक्ला व आइआइएम के निदेशक प्रो. शैलेंद्र सिंह सहित अन्य थे।

वही व्यवसाय बढ़ेगा जो करेगा आपदाओं का सामना : डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि दोनों संस्थानों के लिए शिक्षण, अनुसंधान में साथ-साथ बढ़ने का अच्छा अवसर है। उन्होंने कहा कि वर्तमान और आने वाले समय में केवल वही व्यवसाय आगे बढ़ेगा जो ज्ञान आधारित है और संकटों-आपदाओं का सामना करने की क्षमता रखता है। कहा, कोविड- 19 ने दिखाया है कि संकट के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। उन घटनाओं के लिए तैयार रहें जो पूरी तरह से आपके नियंत्रण में नहीं है और ऐसा आपसी सहयोग से संभव है।

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युवाओं में रचनात्मकता जरूरी

प्रो. शैलेंद्र सिंह ने कहा कि हमारे युवाओं में रचनात्मक व बेहतर एंटरप्रेन्यर बनने का गुण होना जरूरी है ताकि वे किसी तरह के व्यवधान को प्रभावी ढंग से पार करने में सक्षम हों। हम मूल्य आधारित शिक्षा के साथ लीडरशिप के गुण को महत्व देते हैं। वैश्रि्वक स्तर पर बुनियादी ढाचे और एक ऊर्जायुक्त वातावरण बनाने के लिए तकनीकी सहायता जरूरी है। इडीआइआइ के शासी निकाय सदस्य सह दलित इंडियन चैंबर आफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के फाउंडर चेयरमैन डॉ. मिलिन काबले ने कहा कि हम अपने नेटवर्क के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि झारखंड में जनजातीय युवाओं को करियर को संवारने में हमारी अहम भूमिका है। इस दिशा में सार्थक प्रयास करने की जरूरत है। आइआइएम के चेयरमैन प्रवीण शकर पाडया ने कहा कि दोनों संस्थान समन्वित प्रयासों से छात्रों के करियर को संवारेंगे।

Posted By: Jagran

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