रांची, राज्य ब्यूरो। कोयला साइडिंग पर रंगदारी मांगने वाले कुख्यात अमन श्रीवास्तव गिरोह के 11 अपराधियों को लातेहार एसपी व उनकी टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से नाइन एमएम की तीन पिस्टल, एक देसी पिस्टल, तीन कट्टा, 70 कारतूस, 12 मोबाइल, छह मैगजीन व पांच मोटरसाइकिलें जब्त की गई हैं। रांची व पलामू के रेंज डीआइजी अमोल वी. होमकर ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में इसका खुलासा किया और अपराधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन अपराधियों की गिरफ्तारी में लातेहार पुलिस को रांची व हजारीबाग की पुलिस ने भी सहयोग किया।

डीआइजी ने बताया कि सूचना मिल रही थी कि विगत कई महीनों से अपराधी अमन श्रीवास्तव का गिरोह लातेहार व सीमावर्ती जिलों में सक्रिय रहकर कोयला व्यवसायियों व अन्य ठेकेदारों से रंगदारी वसूल रहा था। रंगदारी के लिए दहशत फैलाने के उद्देश्य से इस गिरोह ने कई हत्याएं, आगजनी व गोलीबारी भी की। इससे क्षेत्र के व्यवसायी दहशत में थे, जिससे विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई थी। इसके बाद डीआइजी ने एसपी लातेहार के नेतृत्व में एक टीम गठित की, जिन्हें अमन श्रीवास्तव गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी की टास्क सौंपा। एसएसपी रांची, एसपी हजारीबाग व एसपी चतरा के समन्वय से यह सफलता मिली और इस गिरोह के 11 सदस्य पकड़े गए।

पहले मुकेश धराया, फिर एक-एक कर सभी दबोचे गए

छापेमारी के लिए गठित टीम ने सबसे पहले अमन श्रीवास्तव गिरोह के मुख्य सरगना मुकेश कुमार साव उर्फ प्रभात को बालूमाथ के जारी मोड़ से गिरफ्तार किया। मुकेश से पुलिस ने पूछताछ शुरू की, तो उसने गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में बताया। इसके बाद टीम ने राजेश मिश्रा, संजय गंझू, अंकित किशोर नाथ शाही को हथियार व कारतूस के साथ चंदवा थाना क्षेत्र के बिराटोली कोल साइडिंग से पकड़ा। वहीं, राजेश मिश्रा की सूचना पर लातेहार के ही काली मैदान के पास से किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बनाते हुए महमूद मियां, महमूद आलम उर्फ नेपाली, रजाक अंसारी, सौरभ सिन्हा उर्फ विक्की वर्मा, अमरजीत पासवान, कुर्बान अंसारी, सुदर्शन नायक को हथियार व गोली के साथ पकड़ा गया।

अमन श्रीवास्तव गैंग के इन अपराधियों की गिरफ्तारी हुई

  1. मुकेश कुमार साव उर्फ प्रभात जी : चेडरा थाना बालूमाथ जिला लातेहार।
  2. महमूद मियां : चकला थाना चंदवा जिला लातेहार।
  3. महमूद आलम उर्फ नेपाली : बजार टांड खलारी रांची।
  4. रज्‍जाक अंसारी : मोहन नगर खलारी रांची।
  5. सौरभ सिन्हा उर्फ विक्की वर्मा : मोहन नगर खलारी रांची।
  6. अमरजीत पासवान : कुसुवा थाना हुसैनाबाद पलामू।
  7. कुर्बान अंसारी : पुरानी राय गुवीगढ़ खलारी रांची।
  8. सुदर्शन नायक : मोहन नगर खलारी रांची।
  9. राजेश कुमार मिश्रा : बरवाटोली बालूमाथ लातेहार।
  10. संजय गंझू : सिरम बरवाटोली लातेहार।
  11. अंकित किशोर नाथ शाही : चकला चंदवा लातेहार।

अपराधियों से बरामद हथियार व अन्य सामान

तीन नाइन एमएम की देसी पिस्टल, एक देसी पिस्टल, तीन कट्टा, 70 कारतूस, 12 मोबाइल, छह मैगजीन, पांच मोटरसाइकिलें।

अपने गुर्गे को देता था वेतन, सिर्फ मुकेश व महमूद से ही मिलता था अमन श्रीवास्‍तव

कुख्यात अपराधी अमन श्रीवास्तव अपने गुर्गों को पांच से दस हजार रुपये प्रति माह वेतन देता था। वह अपने गिरोह के सभी साथियों से भी नहीं मिलता था। उससे सिर्फ उसके दो चहेते मुकेश व महमूद ही मिलते थे। यह जानकारी लातेहार में गिरफ्तार गिरोह के 11 अपराधियों ने पुलिस की पूछताछ में दी है।

गिरोह के पकड़े गए अपराधियों ने बताया कि दूसरा कोई साथी चाहकर भी उससे (अमन से) नहीं मिल पाता था। मुकेश व महमूद ही अन्य साथियों के साथ मिलकर रंगदारी, लेवी व गोली चलाने आदि की प्लानिंग करते थे। दहशत के पीछे उद्देश्य यह था कि अमन कोयला व्यवसायियों से रंगदारी की दर तय कर सके। गिरफ्तार संजय गंझू टीपीसी (तृतीय प्रस्तुति कमेटी) का सदस्य रह चुका है।

पुलिस के समक्ष इन लोगो ने यह भी खुलासा किया कि अमन श्रीवास्तव अपने गिरोह के अपराधियों को वेतन देता था। चाहे वह इनसे काम ले या न ले, उन्हें रुपये समय पर मिल जाते थे। गुर्गों को रखने व उन्हें सैलरी देने का काम मुकेश देखता था। अलग-अलग स्थानों के लिए अमन ने अलग-अलग टीम बना रखी थी। यही कारण है कि एक जिले की टीम के सदस्यों को दूसरे जिले की टीम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। ये कोयला व्यवसायियों से रंगदारी मांगने के लिए वाट्सअप कॉल करते थे।

तीन अपराधियों का मिला है आपराधिक इतिहास

गिरफ्तार 11 अपराधियों में तीन लोगों का आपराधिक इतिहास मिला है। इनमें मुकेश कुमार साव पर हजारीबाग के बड़कागांव, उरीमारी, हजारीबाग व लातेहार के बालूमाथ में नौ मामले दर्ज हैं। वहीं, महमूद मियां पर चंदवा थाने में दो व महमूद आलम उर्फ नेपाली पर खलारी थाने में एक मामला दर्ज है।

इस गिरोह ने इन घटनाओं को अंजाम दिया

  1. 2018 में हजारीबाग से बरही फोर लेन रोड निर्माण में लगे ठेकेदार का अपहरण कर हथियार के बल पर रंगदारी के लिए विवश किया।
  2. दिसंबर 2018 में बालूमाथ थाना क्षेत्र में फुलवसिया कोल साइडिंग पर पहुंचकर वहां कार्यरत मुंशी व मजदूर के साथ मारपीट की, मोबाइल लूटे, गैंगस्टर अमन श्रीवास्तव का लिखित पर्चा छोड़ा।
  3. जनवरी-2019 को उरीमारी में न्यू बिरसा कोलियरी के विस्थापित नेता सोना राम मांझी को जान से मारने की धमकी दी।
  4. फरवरी-2019 को उरीमारी में न्यू बिरसा कोलियरी के विस्थापित नेता दसई मांझी पर रंगदारी नहीं देने के चलते गोली चलाई, जिसमें वे जख्मी हुए।
  5. जून 2019 को बड़कागांव थाना क्षेत्र के नापो खुर्द में कार्यरत प्रभा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की साइट पर लेवी नहीं मिलने के चलते गोलीबारी की।
  6. जुलाई-2019 में मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के चानो रोड में सड़क निर्माण कंपनी के इंजीनियर से हथियार के बल पर रंगदारी मांगी।
  7. जुलाई 2019 में उरीमारी में रेलवे का निर्माण करा रहे हरदेव कंस्ट्रक्शन कंपनी के इंजीनियर को रंगदारी नहीं देने पर गोली मारकर घायल किया।
  8. दिसंबर-2019 में लातेहार के बालूमाथ में कोयला व्यवसायी युगल गंझू की गोली मारकर हत्या की।
  9. दिसंबर 2019 में ही इस गिरोह ने चंदवा थाने में कोयला व्यवसायी रवि गंझू पर गोली चलाई, जिसमें वह बाल-बाल बच गया।

छापेमारी में ये रहे शामिल

एसडीपीओ बालूमाथ रणवीर सिंह, एसडीपीओ लातेहार वीरेंद्र राम, एसडीपीओ महुआडांड़ रतिभान सिंह, चंदवा थानेदार मदन कुमार शर्मा, थानेदार लातेहार अमित कुमार गुप्ता, थानेदार बालूमाथ सुभाष पासवान, थानेदार हेरहंज नित्यानंद कुमार, थानेदार मनिका प्रभाकर मुंडा, दारोगा जगदेव पाहन तिर्की, प्रशिक्षु दारोगा लालचंद बेदिया, राजकुमार तिग्गा, कुमार सुमित यादव, रोहित कुमार महतो के अलावा सिपाही अनुस्वर लकड़ा, संतोष कुमार, विपिन कुमार, नंद कुमार सिंह, चंद्रशेखर तिवारी, विशुन उरांव, सुरेंद्र प्रसाद गोप, आदित्य राम व स्मॉल एक्शन टीम तथा सशस्त्र बल के जवान।

Posted By: Alok Shahi

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