राज्य ब्यूरो, रांची : साइबर अपराध की रोकथाम के लिए झारखंड पुलिस इन दिनों रेस है। डॉयल-100 पर मिलने वाले संदिग्ध नंबरों की पड़ताल की जा रही है। यही कारण है कि अब तक डॉयल 100 पर मिले 596 संदिग्ध नंबरों को आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित जिलों को भेजा गया है। इसके अतिरिक्त 352 ऐसे संदिग्ध नंबर भी मिले हैं, जिनका टॉवर लोकेशन राज्य से बाहर है। उन्हें अन्य राज्यों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है।

दूसरे राज्यों से भी आ रहे हैं साइबर अपराधियों की पड़ताल का आग्रह

साइबर अपराध की रोकथाम के लिए पुलिस मुख्यालय ने वेब पोर्टल 'ऑनलाइन इंवेस्टिगेशन को-ऑपरेशन रिक्वेस्ट' शुरू किया है। इसके माध्यम से बाहरी राज्यों की पुलिस राज्य से संबंधित साइबर अपराध के मामलों में सहयोग लेती है। अब तक बाहरी राज्यों से 413 आवेदन झारखंड पुलिस को मिले हैं, जिसमें 386 मामले संबंधित जिलों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिए गए हैं।

आठ कांडों में दिलवाई सजा

साइबर अपराध के कांडों में झारखंड पुलिस ने स्पीडी ट्रायल करवाना शुरू किया है। इसमें अब तक साइबर क्राइम से संबंधित आठ कांडों के अपराधियों को सजा करवाई जा चुकी है।

मिशन मोड पर चला 'ऑपरेशन चार्ली-चार्ली'

झारखंड पुलिस साइबर अपराध की रोकथाम के लिए मिशन मोड पर अभियान चलाया। इस अभियान का नाम दिया गया था 'ऑपरेशन चार्ली-चार्ली'। इसके तहत साइबर अपराध से ग्रस्त जिलों जामताड़ा, दुमका, गिरिडीह, धनबाद, देवघर व साइबर थाना रांची में विविध कार्रवाई हुई। 245 कांड दर्ज हुए, जिसमें 89 कांडों का निष्पादन भी हो गया। इस अभियान में 531 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

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