रांची : राज्य के अल्पसंख्यक श्रेणी के वैसे बच्चे जो स्कूल से बाहर हैं, उन्हें राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान से पढ़ाई पूरा कराकर उनका कौशल विकास कराया जाएगा। ताकि ऐसे बच्चे न केवल पढ़ाई पूरी कर सकें, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकें। केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय ने इसे लेकर नई मंजिल नामक योजना शुरू की है। यह योजना झारखंड में भी लागू होगी। इसके संचालन की जिम्मेदारी विजनरी संस्था को दी गई है। इस योजना के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को एक निजी होटल में कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष कमाल खान ने कहा कि इस योजना के तहत बच्चों को छह माह का कोर्स एनआइओएस से कराया जाएगा, जिसके लिए उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये वजीफा भी मिलेगा। इस योजना के तहत शत-प्रतिशत राशि केंद्र सरकार वहन करेगी। कार्यशाला में एनआइओएस के क्षेत्रीय निदेशक एके सिंह, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के उपसचिव असीम किस्फोट्टा, विजनरी के मनीष कुमार, जयव‌र्द्धन ठाकुर आदि ने भी अपने विचार रखे। ---