रांची : बिहार सरकार झारखंड के कांके स्थित मनोचिकित्सा संस्थान रिनपास के 40 करोड़ रुपये बकाया नहीं दे रही है। बताया जाता है कि बिहार से आए मरीजों के इलाज की यह राशि सूद सहित बढ़कर 50 करोड़ से ऊपर हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा बार-बार राशि के भुगतान करने को लेकर भेजे गए पत्र का भी कोई असर नहीं पड़ रहा है। इस मामले में संस्थान के निदेशक से लेकर स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव तक ने बिहार के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा है। विभागीय मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने भी राशि के भुगतान को लेकर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखे हैं। इसके बावजूद अभी तक बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ है। पिछले दिनों विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी की अध्यक्षता में रिनपास की हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। तय हुआ कि विभाग की ओर से एक और रिमाइंडर बिहार के स्वास्थ्य सचिव को भेजा जाए। इसके बाद राज्य सरकार आगे की कार्रवाई करेगी। बता दें कि प्रति मरीज इलाज के लिए प्रति माह 900 रुपये बिहार सरकार को उपलब्ध कराने हैं। बिहार से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए रिनपास में भर्ती होते हैं। -------------- शिक्षकों के साथ-साथ निदेशक नियुक्ति की नियमावली : बैठक में रिनपास के शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बन रही नियमावली में ही निदेशक पद की नियुक्ति के प्रावधान को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया। वित्त विभाग ने निदेशक पद पर स्थायी नियुक्ति के लिए नियमावली गठित करने का सुझाव स्वास्थ्य विभाग को दिया है। --------------- बैठक के अन्य निर्णय : - एमसीआइ के निर्देशों के मद्देनजर रिनपास द्वारा सहायक प्राध्यापक की नियुक्ति की कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के आलोक में किया जाएगा। - रिनपास पारा मेडिकल नियुक्ति नियमावली में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू नियमावली को आंशिक संशोधन कर लागू करेगा। - रिनपास के लंबित मामलों के निष्पादन के लिए अब प्रत्येक बुधवार को बैठक होगी। - राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश के अनुसार रिनपास की प्रबंधकारिणी समिति के गठन का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को दिया जाएगा। --------------

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