जागरण संवाददाता, रांची। बुंडू दशम फॉल क्षेत्र के हेसापीड़ी गांव में रविवार देर रात एक ही परिवार की तीन महिलाओं की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इनमें दो सौतन और एक गोतनी है। मृतकों में बीबी देवी (65 वर्ष) पति चंद्रमोहन सिंह मुंडा, तारामनी देवी (35 वर्ष) और लखीमनी देवी (40 वर्ष) हैं। तारामनी और लखमनी के पति स्व. महिपाल सिंह मुंडा थे।

महिपाल चंद्रमोहन सिंह मुंडा के छोटे भाई थे। इन तीनों महिलाओं की हत्या क्यों की गई इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है तो हत्या के बाद 24 घंटे से अधिक समय तक इस मामले को लोगों ने दबाकर रखा, इसके बाद मंगलवार सुबह इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने मंगलवार की सुबह घर से करीब एक किमी दूर स्थित हाथीतोपा जंगल से तारामनी और लखीमनी का शव बरामद किया, दोनों के शव अलग-अलग पेड़ से बंधे थे। तो बीबी देवी का शव पुलिस ने घर से ही बरामद किया। पुलिस इस मामले में दो बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है।

पुलिस एक तरफ जहां जमीन विवाद हत्या का मुख्य कारण मान रही है वहीं डायन बिसाही में 27 वर्ष पूर्व हुई एक मुंडाइन की हत्या से भी इस घटना को जोड़कर देख रही है। तिहरे हत्याकांड की जांच के लिए एसआइटी का गठन कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा और हत्यारों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।एक साथ तीन महिलाओं की हत्या की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर सीआइडी और एफएसएल की टीम भी पहुंची।

एफएसएल की टीम ने फिंगर प्रिंट सहित कई सैंपल एकत्रित किए। मौके पर एसएसपी कुलदीप द्विवेदी, ग्रामीण एसपी राजकुमार लकड़ा, बुंडू एसडीपीओ केवी रमण, सीआइडी इंस्पेक्टर नेहाल अहमद, दशम फॉल थानेदार दिनेश महली सहित कई अधिकारी भी पहुंच गए।

पत्‍‌नी का शव देखकर भी पुलिस को नहीं दी सूचना

चंद्रमोहन को तीनों हत्याओं की जानकारी सोमवार की सुबह ही मिल गई थी। सोमवार को उसने पत्‍‌नी का शव देखा लेकिन उसने पुलिस को सूचना नहीं दी और भिंडी बेचने चला गया। उसके साथ मृतक तारामनी का पांच वर्षीय बेटा भी था। उसने भी अपनी बड़ी मां का शव खून से लथपथ देखा लेकिन, चंद्रमोहन बच्चे का मुंह बंद कर वहां से निकल गया।

गांव में की बैठक

चंद्रमोहन ने भिंडी बेचकर लौटने के बाद गांव में सोमवार रात के आठ बजे दो तीन ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक में अपनी पत्‍‌नी की हत्या का जिक्र किया। लेकिन, छोटे भाई महिपाल की दोनों पत्‍ि‌नयों के गायब रहने की जानकारी किसी को नहीं दी। मंगलवार को महिपाल की दोनों पत्‍ि‌नयों का शव हाथितोपा जंगल से बरामद किया गया।

इन बिंदुओं पर छानबीन :

-चंद्रमोहन के तीन भाइयों में है 75 डिसमिल जमीन, जिसे बिक्री करने की थी मंशा।

-जमीन बिक्री का महिपाल की दोनों पत्‍ि‌नयां और चंद्रमोहन की पत्‍‌नी बीबी देवी कर रही थीं विरोध।

- गांव का एक व्यक्ति 75 डिसमिल जमीन को खरीदना चाहता था।

- रांची-टाटा रोड किनारे स्थित जमीन का हुआ था अधिग्रहण, मुआवजा राशि खुद लेने की फिराक में था चंद्रमोहन।

- 27 वर्ष पूर्व चंद्रमोहन ने डायन के शक में गोम्हा मुंडाइन की हत्या की थी। 2008 में गोमहा के बेटे कमलकांत की भी हत्या हुई थी। इससे उस परिवार से अदावत चल रही थी।

अनसुलझे सवाल

-हत्या की जानकारी सबसे पहले चंद्रमोहन को मिली, लेकिन पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी?-पत्‍‌नी बीबी देवी का शव देखकर वह चार किलो भिंडी लेकर बुंडू बाजार बेचने क्यों चला गया?

- गांव के लोगों ने भी क्यों हत्या के मामले को 24 घंटे दबाया। -गोम्हा मुंडाइन की हत्या में अदावत थी, तो 27 वर्ष बाद बदला क्यों। कौन ले सकता है बदला।

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मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया गया है। हत्या के मूल कारणों की तलाश की जा रही है। कई अलग-अलग बिंदुओं पर छानबीन चल रही है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।'

-कुलदीप द्विवेदी, एसएसपी रांची।
 

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