रांची, राज्य ब्यूरो। Naxal Attack in Jharkhand प्रदेश में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। झारखंड विधानसभा का चुनाव कराने के लिए पूरा अमला लगा हुआ है। राज्य में दूसरे राज्यों से मिले अतिरिक्त बल व अर्धसैनिक बलों की चहलकदमी है। इसके बावजूद नक्सली अपनी धमक दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं। तमाम सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए नक्सली एक के बाद एक वारदात को अंजाम देते जा रहे हैं।

शुक्रवार को लातेहार में नक्सलियों के हमले में एक एएसआइ व होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गए थे। शनिवार को लातेहार के किस्को में सड़क निर्माण में लगी दो जेसीबी को जलाया तो पलामू में हत्या कर सनसनी फैला दी। नक्सल घटनाओं के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो इस साल अब तक नक्सली घटनाएं तो कम हुई हैं, लेकिन जो घटनाएं घटी हैं, उसमें पुलिस-प्रशासन को ज्यादा नुकसान पहुंचा है।

विगत पांच साल में यह पहली बार है, जब 2019 के 23 नवंबर तक 14 पुलिसकर्मियों की नक्सल हमले में शहादत हो चुकी है। वर्ष 2014 से 2018 तक शहादत का आंकड़ा नौ व इससे नीचे था। गिरफ्तार नक्सलियों की संख्या भी घटी है।

नक्सली हिंसा व उपलब्धि 2014 से अब तक

घटनाएं : 2014 2015 2016 2017 2018 2019

  1. नक्सल घटनाएं : 231 196  196  186  118   91
  2. पुलिसकर्मी शहीद : 8   4   9   2   9  14
  3. आम नागरिक मारे गए : 86   47  61  44   27  27
  4. हथियार बरामद : 34  43  28  47  81  36
  5. नक्सली मारे गए : 10  25  21  12  26  26
  6. गिरफ्तार नक्सली : 516  458  526  608  515  289
  7. नक्सलियों का सरेंडर : 12   13  38  47  16  12

Posted By: Alok Shahi

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