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रांची : प्रदेश के 514 बेरोजगार आदिवासी युवकों को नक्सली बताकर और नौकरी का झांसा देकर उनसे फर्जी सरेंडर कराने के मामले की सीबीआइ जांच कराने से राज्य सरकार ने इन्कार कर दिया है। इस मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मंगलवार को सरकार ने हलफनामा दायर कर उक्त जानकारी दी है। सरकार का पक्ष था कि इस मामले की दो चार्जशीट हो चुके हैं। अनुसंधान जारी है।

अभियुक्तों के खिलाफ ट्रायल प्रारंभ हो चुका है। इसलिए अब किसी एजेंसी से जांच कराने की आवश्यकता नहीं है। सीबीआइ के पास पहले से ही कार्य की अधिकता है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में बुधवार को निर्धारित है।

पूर्व में सीबीआइ ने मामले की जांच के लिए पसंदीदा चार पुलिस अफसरों की मांग की थी। लेकिन उक्त पुलिस अफसरों को सीबीआइ को देने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया गया था कि उक्त अफसरों के सीबीआइ में जाने से राज्य पुलिस का कार्य प्रभावित होगा।

बता दें कि इस मामले में डीआइजी से लेकर डीजी रैंक के अफसरों के शामिल रहने का आरोप याचिकाकर्ता की ओर से लगाया गया है।

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