रामगढ़ में नवरात्र की अनोखी साधना, कांटों की सेज पर लेटीं रूपा देवी; सीने पर कलश रख नौ दिनों की तपस्या
रामगढ़ के पोचरा झोपड़ी टोला में रूपा देवी लगातार दूसरे वर्ष नवरात्र में कांटों की सेज पर लेटकर सीने पर ...और पढ़ें

रूपा देवी कांटों की सेज पर लेटकर कर रही साधना। जागरण
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रूपा देवी कांटों की सेज पर लेटकर कर रही साधना।
सीने पर कलश स्थापित कर नौ दिनों का अनुष्ठान।
संवाद सूत्र, बरकाकाना (रामगढ़)। नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना के लिए श्रद्धालु अलग-अलग तरीके से पूजा-अर्चना करते हैं। रामगढ़ के पोचरा झोपड़ी टोला में रहने वाली रूपा देवी भी अपनी आस्था के अनुसार कठिन अनुष्ठान कर रही हैं। वह लोहे की नुकीली कीलों से बनी शय्या पर लेटकर मां जगदंबा की पूजा करती हैं। उनकी इस पूजा-पद्धति को देखने के लिए आसपास के लोग पहुंच रहे हैं।
रुपा देवी लगातार दूसरे वर्ष शारदीय नवरात्र के दौरान यह अनुष्ठान कर रही हैं। उनका कहना है कि मां दुर्गा के प्रति श्रद्धा और विश्वास से उन्हें यह साधना करने की प्रेरणा मिलती है। वह अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना कर रही हैं। उनके पति का नाम राजेश भुईयां है। रूपा देवी के तीन बच्चे, दो पुत्र और एक पुत्री है।

बड़े पुत्र अजय कुमार 18 वर्ष के हैं और दैनिक मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करते हैं। दूसरे पुत्र आदित्य कुमार 12 वर्ष के और पुत्री अनन्या कुमारी छह वर्ष की हैं। रूपा देवी मां दुर्गा से बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। नवरात्र के दौरान उनकी साधना पोचरा झोपड़ी टोला में लोगों के आकर्षण और चर्चा का केंद्र बनी हुई है। उनकी इस साधना को देखने के लिए आसपास के लोग पहुंच रहे हैं। परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ की जा रही उनकी यह साधना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।

