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रामगढ़: चुट्टुपालू घाटी में हादसों पर अब NHAI की जवाबदेही तय, मैनेजर समेत कई पर FIR; CCTV भी नहीं कर रहा काम

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:59 AM (IST)

रांची-पटना मार्ग पर चुट्टुपालू घाटी में लगातार दुर्घटनाओं के बाद एनएचएआई अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है और प्राथमिकी ...और पढ़ें

स्पीड कैमरे से संबंधित सूचना बोर्ड। जागरण

स्पीड कैमरे से संबंधित सूचना बोर्ड। जागरण

HighLights

  1. एनएचएआई अधिकारियों की जवाबदेही तय।

  2. कंक्रीट की दीवार हटाई गई, तीखे मोड़ सीधा करने की पहल।

देवान्शु शेखर मिश्र, रामगढ़। रांची पटना मार्ग पर चुट्टुपालू घाटी में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने लापरवाही की कड़ी की पोल खोल कर रख दी है। अब तक जो भी उपाय दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए इससे दुर्घटनाओं की संख्या, आंकड़ा व दायरा भी बढ़ता गया।

नतीजतन जिला प्रशासन ने अब आजिज आकर घाटी क्षेत्र में होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर एनएचएआइ के अधिकारियों की जवाबदेही तय कर दी है। इसके तहत अब कार्रवाई भी शुरू हो गई है। दुर्घटना के बाद दो अलग-अलग परिवारों के एक-एक सदस्य के मौत के मामले में एनएचएआई के मैनेजर सहित अन्य के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकी रामगढ़ थाने में दर्ज कराई गई है।

इसमें एक रेलवे स्टेशन मास्टर की पत्नी ने तो दूसरी रामगढ़ जिले के मुख्यालय डीएसपी के स्वजनों ने। प्राथमिकी के बाद से एनएचएआइ के अधिकारियों की खासा सजगता की बात तो कही जा रही है, वैसे जमीनी स्थिति आज भी ज्यों की त्यों है। दोपहिया वाहन सवारों की कौन पूछे चार पहिया वाहन सवार भी घाटी की ऐसी स्थिति से डरने लगे हैं।

लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद जिला प्रशासन के आदेश के बाद तत्काल कंक्रीट की एक तरफ मजबूत दीवार हटवाई गई। वर्तमान में अन्य इस तरह की संरचनाओं को हटवाया जा रहा है। एनएचएआई अधिकारियों की की ओर से कार्रवाई पर लगातार नजर जिले के अधिकारी के अधिकारी नजर रख रहे हैं।

तीखे मोड़ को सीधा करने की बात खुद स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल कर चुके हैं। इसके लिए 140 करोड़ रुपये की लागत से चुट्टुपालु घाटी की दस व चरही घाटी के प्वाइंट को दुरुस्त किया जाना है और इसके लिए टेंडर भी हो गया है। हालांकि जमीनी स्तर पर अभी तक कार्रवाई शुरू नहीं हो पाई है। वैसे पिछले चार-पांच दिनों से दुर्घटना में भी कमी आई है। 

भारी मालवाहक वाहनों के चालकों को लगातार जागरूक किया जा रहा है। घाटी क्षेत्र में जगह-जगह सूचना बोर्ड लगवाए गए हैं। पिछले चार दिनों में किसी बड़ी दुर्घटना की सूचना नहीं आई है।

अब तक शुरू नहीं हो पाए हाई रिजाल्यूशन सीसीटीवी कैमरे

घाटी क्षेत्र में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद संबंधित जवाबदेह लोग कितने सजग हैं, इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घाटी क्षेत्र में वाहनों की गति पर नजर रखने व स्पीड लिमिट बढ़ने पर ऑनलाइन फाइन करने को लगवाए गए हाइ रिजाल्यूशन सीसीटीवी कैमरे शुरू नहीं हो पाए हैं।

वाहनों की निर्धारित गति सीमा 40 किलोमीटर पर नजर रखने के लिए लगवाए गए कैमरे का अब सुचारू रूप से काम नहीं करना कई सवाल खड़े करता है। इसे फंक्शनल करने में अभी भी समय लगेगा।

सीधी ढलान में लगा रंबल स्ट्रीप वाहनों को करता है अनियंत्रित

तकनीकी विशेषज्ञों की मानें तो घाटी क्षेत्र में लगवाया गया रंबल स्ट्रीप फिर से परेशानी का सबब बना है। पूर्व में इसे लगवाकर हटवाया गया था, इसके बाद अब पुन: इसे स्थापित कर दिया। उनका कहना है घाटी क्षेत्र में रांची की ओर से आने के दौरान सीधी ढलान में लगा रंबल स्ट्रीप वाहनों को अनियंत्रित करता है। जो दुर्घटनाओं का कारण भी बन रहा है। 

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