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Gangs of Jamshedpur: रामगढ़-धनबाद में छिपे हैं देहरादून मर्डर केस के इनामी शूटर

Published: Tue, 15 Sep 2026 11:23 PM (IST)

जमशेदपुर में बिजनेसमैन निखार सबलोक की हत्या के बाद अखिलेश और गणेश गिरोह के बीच वर्चस्व की लड़ाई फिर तेज हो गई है।

यह हत्या देहरादून में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या का बदला मानी जा रही है, जिसके चार इनामी शूटर अभी भी फरार हैं और रामगढ़-धनबाद में छिपे हैं।

यह हत्या देहरादून में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या का बदला मानी जा रही है, जिसके चार इनामी शूटर अभी भी फरार हैं और रामगढ़-धनबाद में छिपे हैं।

HighLights

  1. निखार सबलोक हत्याकांड से अखिलेश-गणेश गिरोह में अदावत तेज हुई।

  2. देहरादून में विक्रम शर्मा की हत्या का बदला माना जा रहा है।

  3. चार इनामी शूटर रामगढ़-धनबाद में छिपे, पुलिस के लिए चुनौती।

जासं, जमशेदपुर। शहर के चर्चित बिजनेसमैन निखार सबलोक हत्याकांड के बाद लौहनगरी में कुख्यात आपराधिक गिरोहों के बीच वर्चस्व की लड़ाई और गैंगवार की चिंगारी एक बार फिर सुलगने लगी है। 
 
देहरादून में अखिलेश सिंह गिरोह के करीबी विक्रम शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के छह माह बीत जाने के बाद भी गणेश सिंह गिरोह से जुड़े चार इनामी शूटर अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
 

फरार शूटरों की सूची और संभावित ठिकाने

देहरादून पुलिस और जमशेदपुर पुलिस के लिए चुनौती बने फरार मुख्य शूटरों में विशाल सिंह, आशुतोष सिंह, अंकित वर्मा और जितेंद्र कुमार शामिल हैं। 
 
खुफिया सूत्रों और पुलिस जांच के अनुसार, ये सभी शूटर जमशेदपुर के ही निवासी हैं और फिलहाल रामगढ़ व धनबाद के सुरक्षित ठिकानों पर अपनी पहचान बदलकर फरारी काट रहे हैं।
 

पुराने गैंगवार का नया बदला: निखार सबलोक मर्डर

आशंका जताई जा रही है कि ये शूटर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। 13 फरवरी को देहरादून के एक मॉल में विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता बागबेड़ा (गाढ़ाबासा) निवासी यशराज सिंह और उसके पिता जेल में हैं। हाल ही में कदमा में हुई निखार सबलोक की हत्या के मास्टरमाइंड अशोक सिंह राघव ने पुलिस के समक्ष खुलासा किया है।

विक्रम शर्मा की हत्या में गणेश सिंह गिरोह की भूमिका थी। इसी हत्या का बदला लेने के लिए अखिलेश सिंह गिरोह ने निखार सबलोक को निशाना बनाया।

अब निशाने पर गणेश सिंह का करीबी 'मोनू'

अशोक सिंह के बयान के अनुसार, अखिलेश सिंह गिरोह के निशाने पर अब गणेश सिंह का सबसे करीबी माना जाने वाला बागबेड़ा निवासी मोनू सिंह है। 
 
पूर्व में कांदरबेड़ा के पास बदमाशों ने उसे टारगेट भी किया था, लेकिन कार में लगी काली फिल्म की वजह से शूटर उसकी पहचान नहीं कर पाए और वह बाल-बाल बच गया।
 

कुर्की के बाद भी बेखौफ हैं अपराधी

उल्लेखनीय है कि फरार चारों शूटरों की संलिप्तता पूर्व में मानगो के अमरनाथ सिंह (दुमका हत्याकांड) मामले में भी रही है। 
 
देहरादून में केस दर्ज होने और दूसरे राज्य का मामला होने के कारण स्थानीय स्तर पर पुलिसिया ढिलाई का फायदा उठाकर ये अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। 
 
हालांकि, जमशेदपुर पुलिस इनके घरों की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई पूरी कर चुकी है और अब इनके आश्रयदाताओं पर नकेल कसने की तैयारी में है।

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