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गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड में जमशेदपुर का यशराज सिंह सहारनपुर से गिरफ्तार, 1 लाख का था इनाम

Published: Wed, 13 May 2026 09:28 PM (IST)

उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता यशराज सिंह को सहारनपुर से ...और पढ़ें

गैंगस्‍टर विक्रम शर्मा का फाइल फोटो।

गैंगस्‍टर विक्रम शर्मा का फाइल फोटो।

HighLights

  1. मुख्य साजिशकर्ता यशराज सिंह सहारनपुर से गिरफ्तार।

  2. उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ ने की बड़ी कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ (STF) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जमशेदपुर के कुख्यात गैंगस्टर विक्रम शर्मा हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता यशराज सिंह को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। यशराज पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं।
 

जमशेदपुर से जुड़ा है हत्या का कनेक्शन 

गिरफ्तार आरोपी यशराज सिंह जमशेदपुर के बागबेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत गाढ़ाबासा का निवासी है। इस मामले में पुलिस उसके पिता राजकुमार सिंह उर्फ राजू को पहले ही जमशेदपुर से गिरफ्तार कर चुकी है। 
 
पुलिस जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस पूरी हत्या की साजिश में यशराज की भूमिका केंद्रीय थी। उसने न केवल साजिश रची, बल्कि शूटरों के आने-जाने, उनके ठहरने और अन्य लॉजिस्टिक खर्चों के लिए फंडिंग का इंतजाम भी किया था।
 

वारदात का घटनाक्रम 

ज्ञात हो कि 13 फरवरी 2026 को देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी मॉल के बाहर जिम से निकलते समय विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विक्रम शर्मा, जो मूल रूप से झारखंड का हिस्ट्रीशीटर था, उत्तराखंड में खनन कारोबार से जुड़ा हुआ था। 
 
हत्या के बाद गैंगस्टर अखिलेश सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों के पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) के जरिए महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद झारखंड और अन्य राज्यों में छापेमारी शुरू की गई।
 

रंगदारी के लिए रची गई थी साजिश 

पूछताछ के दौरान यशराज सिंह ने कबूल किया कि वर्ष 2024 में टाटानगर रेलवे स्टेशन पर दुकानों में खाद्य सामग्री की सप्लाई के दौरान उसकी मुलाकात विशाल सिंह से हुई थी। विशाल के उकसावे पर उसने आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेंद्र साहू और मोहित उर्फ अक्षय ठाकुर के साथ मिलकर विक्रम शर्मा से रंगदारी वसूलने और उसकी हत्या करने की योजना बनाई।

आरोपियों ने इससे पहले दिसंबर 2025 में नोएडा और दिल्ली में भी विक्रम शर्मा को मारने की कोशिश की थी, लेकिन कड़ी सुरक्षा के कारण वे नाकाम रहे। इसके बाद देहरादून में रेकी की गई और पाया गया कि विक्रम सुबह अकेले जिम जाता है, जिसे हत्या के लिए सबसे उपयुक्त समय चुना गया।
 

तकनीक और डिजिटल ट्रांजेक्शन से खुले राज 

पुलिस के अनुसार, यशराज ने ही आरोपी आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली बुलाने के लिए पेटीएम (Paytm) के माध्यम से 15,000 भेजे थे। इसके अलावा, हरिद्वार में होटल का बिल, किराए की बाइक और स्कूटी का भुगतान भी यूपीआई (UPI) के जरिए किया गया था। 
 
घटना के बाद यशराज पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिपा हुआ था। 12 मई को वह अपने पिता के वकील से मिलने हरिद्वार और फिर कानूनी सलाह के लिए सहारनपुर गया था, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।


इस मामले में अब तक तीन गिरफ्तारियां हो चुकी हैं, जबकि छह अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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