नेताजी सुभाष बोस की याद में छावनी परिषद ने शहर में सुभाष पार्क का निर्माण कराया था। लेकिन उसकी देखरेख में रुचि नहीं। इसलिए यह अब जुआरियों व शराबियों का अड्डा बन गया है। महापुरुष के नाम से बनाए गए पार्क में घरों व होटलों का कचरा फेंका जाता है। पेजयल एवं स्वच्छता विभाग प्रमंडल कार्यालय का गंदा पानी भी बहाया जाता है।।पार्क की चारदिवारी चारों तरफ से ध्वस्त हो चुकी है। जानवरों का पार्क चारागाह बना हुआ है। छावनी परिषद प्रशासन की ओर से भी सुभाष पार्क की साफ-सफाई व रख-रखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। अब हर कोई सुभाष पार्क को कचरा फेंकने का स्थान बना लिया है। शहर के पुराना बस पड़ाव के ठीक पीछे व कैंट स्टाफ क्वार्टर व पेजयल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यालय के बीचो-बीच सुभाष पार्क के मार्ग के गुजरने वाले लोग भी शर्मसार हैं। पिछले साल 24 अगस्त को छावनी परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष ब्रिगेडियर इंद्रजीत सिंह गाखल व अधिशाषी अधिकारी बालकृष्ण कौल ने खाली पड़े मैदान में सुभाष पार्क का निर्माण कराने के बाद सेना अधिकारियों, वार्ड सदस्यों व स्कूली बच्चों की उपस्थिति में पौधारोपण किया गया था। साथ ही लोगों के घूमने व मनोरंजन के लिए फूल-पौधे लगाए गए थे। लेकिन सुभाष पार्क बनाए जाने के बाद 18 साल बाद अब पार्क का नामोनिशान मिटता जा रहा है। हालांकि लगाए गए सारे पौधे पार्क के चारों तरफ विशाल पेड़ का रूप लिया है।

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सुभाष पार्क को फिर से विकसित कराया जाएगा। जल्द ही पार्क की सफाई कराई जाएगी। पार्क की सुदंरीकरण का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखूंगी।

- कीर्ति गौरव, असैनिक नामित सदस्य छावनी परिषद रामगढ़।

Edited By: Jagran