संवाद सूत्र, पतरातू थर्मल(रामगढ़) : हजारीबाग मेडिकल कालेज की छात्रा की हत्या की गुत्थी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा सकी है। घटना के 11 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। अभी तक जांच का नतीजा शून्य ही रहा है। पुलिस सूत्रों की माने तो अभी तक छात्रा के डैम में मिले हाथ-पैर बंधे शव के बारे कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज में मिले एक मारुति वैन व छात्रा की गायब एंड्राइड मोबाइल फोन ढूंढने में ही पसीना निकल रहा है। विदित हो कि 12 जनवरी की सुबह मेडिकल कालेज की छात्रा का हाथ-पैर बंधा शव पतरातू डैम से बरामद होने के बाद से लगातार पुलिस के वरीय अधिकारियों का दौरा पतरातू हो रहा है। मामले की जांच व समीक्षा करने के लिए डीडीपी व आइजी भी रामगढ़ आए। हजारीबाग के डीआइजी भी जांच में जुटे है। रामगढ़ व हजारीबाग जिले के पुलिस की 17 अलग-अलग टीम रामगढ़, हजारीबाग, रांची व गोड्डा जाकर घटना की गुत्थी सुलझाने में लगी है। पुलिस की टीम पतरातू डैम के आसपास से लेकर रांची से लेकर पतरातू डैम के आसपास के प्रमुख होटलों व चौक-चौराहों के सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाल चुकी है। लेकिन नजीता शून्य। घटना के दिन दोपहर से लेकर देर रात तक किसी भी सीसीटीवी फुटेज में छात्रा नहीं दिखी। डैम के पानी में जिस स्थान पर छात्रा का शव मिला है, उसके पास के एक होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे में केवल एक मारुति वैन के दो-तीन बार आने-जाने के फुटेज मिले हैं। लेकिन उक्त मारुति वैन के बारे में पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। गोताखोरों की मदद से पुलिस इस मामले की सुराग जुटाने में लगी रही। शव मिलने वाले स्थान को पानी से लेकर जमीन तक खंगाल लिया गया, पर पुलिस मामले में निरुत्तर है।

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