संवाद सूत्र, गोला (रामगढ़): गोला प्रखंड क्षेत्र के सरला खुर्द निवासी प्रवासी मजदूर मदन महतो का अंतिम संस्कार शनिवार को परिजनों द्वारा कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि पिछले सात फरवरी को उतराखंड जिला चमोली के तपोवन में ग्लेशियर फटने से गोला प्रखंड के चोकाद गांव के तीन व सरलाखुर्द गांव के एक मजदूर लापता हो गए थे। इन मजदूरों का लगभग 20 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस स्थिति में परिजनों द्वारा चमोली पहुंचे श्रमाधिक्षक दिगंबर महतो के आदेश पर शुक्रवार रात को मदन महतो के परिजनों व सगे संबंधियों द्वारा अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया गया। इसकी सूचना गोला बीडीओ अजय कुमार रजक को भी परिजनों द्वारा दी गई। तत्पश्चात शनिवार को चमोली के तपोवन से लाये गए मिट्टी से मजदूर मदन महतो का मूर्ति(पुतला) बनाकर हिदू रिती रिवाज से विधिवत अंतिम संस्कार गोमती नदी स्थित स्थानीय मुक्तिधाम में कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि चमोली की घटना में मदन महतो मिट्टी में दफन हो गए हैं। इसलिए उनके मिट्टी से बनाए गए मूर्ति को दफनाया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र सकेन्द्र महतो ने दी। वे अपने पीछे पत्नी टुनूबाला देवी के अलावा दो पुत्र सकेन्द्र महतो, देवेन्द्र महतो व पुत्री निशा कुमारी को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार के दौरान पंसस प्रतिनिधि आनंद महतो के अलावा गांव के सैकड़ों लोग शामिल थे। इधर धर चोकाद निवासी मिथीलेश महतो व बिरसाय महतो का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। श्रम अधीक्षक दिगंबर महतो ने बताया कि मजदूरों के इतने लंबे अंतराल के बाद भी न मिल पाना अंतिम संस्कार या क्रियाकर्म करना परिवार का दायित्व होता है।

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