मेदिनीनगर : गुरु वही होता है जो बच्चों को बेहतर कार्यो के लिए प्रेरित करे। शिक्षक बच्चों के दिलो-दिमाग में छाए रहने चाहिए। सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक राष्ट्रपति थे, लेकिन वे चाहते थे कि लोग उन्हें एक राष्ट्रपति नहीं बल्कि एक शिक्षक के रूप में जानें। इसलिए वे महान कहलाए। उक्त बातें सूबे के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष सह प्राईवेट स्कूल्स एसोसिएशन के संरक्षक इंदर ¨सह नामधारी ने कही। वे रविवार को स्थानीय सदीक चौक स्थित त्रिपाठी इंटरनेशनल होटल के सभागार में प्राईवेट स्कूल्स एसोसिएशन के आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में बोल रहे थे। नामधारी ने कहा कि प्राईवेट या सरकारी शिक्षक चाह लें तो विद्यार्थियों को योग्य बना सकता है। शिक्षक अपने को भाग्यशाली समझें। मौके पर पलामू के पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत महथा ने कहा कि शिक्षक बच्चों की क्षमता को पहचानते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगे तो प्रगतिशील व विजनरी समाज का निर्माण होगा। बच्चों से शिक्षकों को जुड़ाव हो गया तो समझें कि अगले 25 वर्षों के लिए अपराधमुक्त समाज बन जाएगा। शिक्षाविद प्रो. एससी मिश्रा ने कहा कि शिक्षक जैसा चाहेंगे विद्यार्थी वैसा ही होगा। शिक्षक अपने पुत्र-पुत्रियों जैसा विद्यार्थियों से व्यवहार करेंगे तो बच्चा देश का बेहतर नागरिक बन सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश वर्मा ने व संचालन नंद किशोर भारती ने किया। वर्मा ने कहा कि जिले के प्राईवेट स्कूल अन्य सरकारी विद्यालय से कम संसाधन में बेहतर शिक्षा दे रहे हैं। कहा कि जिले में 275 निजी विद्यालय हैं। इससे 25 हजार लोगों का रोजगार चलता है। निजी विद्यालय गरीबों के 7 हजार बच्चों को निश्शुल्क शिक्षा देती है। वर्मा ने सवाल उठाया कि ऐसे में निजी विद्यालयों को मान्यता क्यों नहीं दी जा रही है। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ इंदर ¨सह नामधारी, अविनाश वर्मा, सियाचरण ¨सह व अन्य ने सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। मौके पर अविनाश देव, अजय श्रीवास्तव ने संबोधित किया। कार्यक्रम में कोर कमेटी के राजीव गोयल, गिरिश कुमार,आनंद कुमार, दीपेंद्र गुप्ता, सानू सिद्दिकी, चंद्रभूषण सिन्हा, रामाकांत मेहता, मुकेश अग्रवाल, रामाशंकर उपाध्याय समेत बड़ी संख्या में सदस्य स्कूल के प्राचार्य व संचालक मौजूद थे। बाक्स..3 मरणोपरांत समेत 67 शिक्षकों को किया गया सम्मानित

प्राईवेट स्कूल्स एसोसिएशन ने शिक्षक सम्मान समारोह में 3 मरणोपरांत समेत 67 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। एसोसिएशन के संरक्षक इंदर ¨सह नामधारी ने मरणोपरांत प्रो. रजी अहमद, स्व. कामख्या ¨सह व स्व. अमृत कौर को सम्मानित किया। यह सम्मान उनके परिजनों ने ग्रहण किया। इसके साथ ही शिक्षाविद प्रो. एससी मिश्रा, कुलवंत कौर व वंदना श्रीवास्तव के अलावे 64 सदस्य विद्यालय के एक-एक शिक्षक-शिक्षिकाओं को शौल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

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