पलामू में 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू, 30 सितंबर को लगेगी बोली; तीन नदियों के घाट शामिल
पलामू जिले में श्रेणी-दो के 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिसके लिए 30 सितंबर को ...और पढ़ें

पलामू में 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
पलामू में 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया हुई शुरू।
अमानत, सोन, उत्तर कोयल नदी के घाट शामिल हैं।
30 सितंबर को होगी बोली, बालू संकट होगा कम।
संवाद सहयोगी, मेदिनीनगर (पलामू )। जिले में श्रेणी-दो के तहत आने वाले 18 बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। जिला खनन पदाधिकारी ने पत्रांक 2143 दिनांक 10 सितंबर 2026 को इस संबंध में सूचना जारी की है।
जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट व पुनर्भरण अध्ययन के आधार पर जिले की अमानत, सोन व उत्तर कोयल नदी पर स्थित घाटों को चिह्नित किया गया है। इनमें तरहसी, पांकी, हैदरनगर, मोहम्मदगंज, पाटन, विश्रामपुर, लेस्लीगंज, हुसैनाबाद, मेदिनीनगर, पांडू और चैनपुर सहित कुल 18 मौजा शामिल हैं।
दस्तावेज जमा करने की अवधि 11 सितंबर
जिला खनन पदाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार नीलामी कार्यक्रम के तहत निविदा दस्तावेज प्राप्त करने के बाद किए जा सकेंगे। अग्रधन राशि जमा करने और दस्तावेज जमा करने की अवधि 11 सितंबर सुबह दस बजे से 25 सितंबर दोपहर दो बजे तक निर्धारित की गई है।
तकनीकी व वित्तीय निविदा 26 सितंबर को दोपहर दो बजे खोली जाएगी। इसका मूल्यांकन जिला स्तरीय समिति द्वारा 28 सितंबर को सुबह दस बजे किया जाएगा। घाटों की नीलामी 30 सितंबर को सुबह दस बजे से शाम छह बजे तक होगी।
पलामू जिले में कैटेगरी टू के 19 घाट चिन्हित
जिला खनन पदाधिकारी ने सभी इच्छुक व्यवसायियों से नीलामी में भाग लेने की अपील की है। बता दे कि पलामू जिले में कैटेगरी टू के 19 घाट चिन्हित हैं। इनमें पाटन प्रखंड के कांके कला घाट की पूर्व में ही नीलामी की जा चुकी है। अब स्टेट लेवल एनवायरमेंट इम्पैक्ट असेसमेंट अथॉरिटी (सिया) से पर्यावरणीय स्वीकृति के बाद घाट संचालन की बाधाओं को दूर कर लिया गया है।
यह घाट 4.08 हेक्टेयर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र व संचालन की स्वीकृति मिलने बालू का उठाव शुरू कर दिया जाएगा।
बता दें कि झारखंड सिया ने नदियों में दोबारा जमा हुई बालू की मात्रा पर खनन करने की शर्त लगा रखी है। इसी के आधार पर जिला खनन विभाग मानसून से पहले व बाद में बालू की मात्रा को तय करेगा।
अगले माह से पाटन के कांके कला घाट से नियमित रूप से उठाव शुरू हो जाने से कुछ हद तक बालू संकट दूर होने की बात कही जा रही है। शेष 18 घाटों की नीलामी प्रक्रिया अगर पूरी भी करा दी जाती है तो भी इसका संचालन प्रारंभ होने में कम से कम छह माह लग सकते है।
