दो माह पहले काम की तलाश में रांची गए थे मैथिली शरण, जलमीनार हादसे में गई जान; गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
रांची में जर्जर जलमीनार ढहने से जान गंवाने वाले पड़वा निवासी मैथिली शरण मेहता का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही ...और पढ़ें
HighLights
रांची में जर्जर जलमीनार ढहने से मैथिली शरण मेहता की मौत।
पार्थिव शरीर पड़वा गांव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम।
संवाद सूत्र, पड़वा (पलामू)। रांची के जिला स्कूल स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग परिसर में जर्जर जलमीनार ढहने से हुई दुर्घटना में जान गंवाने वाले पड़वा गांव निवासी मैथिली शरण मेहता (45) का पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव पंडवा कोलियरी मोड़ पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शव के घर पहुंचते ही परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में मातम पसरा रहा।
मृतक का अंतिम संस्कार सदाबह नदी स्थित पीपर घाट श्मशान तट पर किया गया। उनके छोटे पुत्र चेतन कुमार मेहता ने मुखाग्नि दी। बताया गया कि मैथिली शरण मेहता करीब दो माह पूर्व काम की तलाश में रांची गए थे। वहां वे मजदूरी के साथ पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर भी काम करते थे।

बुधवार शाम जर्जर जलमीनार को तोड़ने के दौरान अचानक हुए हादसे में वे मलबे में दब गए, जिससे उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। उनके परिवार में दो पुत्र और एक पुत्री हैं।
अंतिम दर्शन और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने के लिए बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजन मेहता, पूर्व मुखिया मेघनाथ मेहता, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष चंदेश्वर मेहता, जिला परिषद प्रतिनिधि मनजीत कुमार, पड़वा मुखिया प्रतिनिधि रामपति मेहता, मनोज विश्वकर्मा, राणा सिंह चौहान समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।

