रांची में पिलर की छड़ काटते ही ढही 50 साल पुरानी जलमीनार, दो मजदूरों की दर्दनाक मौत; बनी जांच कमेटी
Ranchi Water Tank Collapse: रांची में 50 साल पुरानी जर्जर जलमीनार तोड़ने के दौरान हुए हादसे में दो मजदूरों की ...और पढ़ें
HighLights
रांची में जलमीनार तोड़ने के दौरान दो मजदूरों की मौत।
पिलर की छड़ काटने से संतुलन बिगड़ा, जलमीनार ढही।
हादसे के बाद उपायुक्त ने जांच कमेटी बनाई।
जागरण संवाददाता, रांची। जिला स्कूल के पास पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के यांत्रिक प्रमंडल परिसर में बुधवार शाम करीब 5:30 बजे बड़ा हादसा हो गया। 50 साल से अधिक पुरानी जर्जर जलमीनार को तोड़ने के दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और भारी-भरकम ढांचा भरभराकर जमीन पर आ गिरा।
इसकी चपेट में आने से मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान पलामू जिले के पड़वा मोड़ निवासी 25 वर्षीय सत्या भुइयां और 42 वर्षीय मैथली शरण महतो के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस, एसपी और एसडीओ समेत जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में तत्काल बचाव अभियान शुरू कराया गया।
रांची नगर निगम की टीम भी जेसीबी और पोकलेन के साथ मौके पर पहुंची। भारी मलबा होने के कारण दोनों मजदूरों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब तीन घंटे तक पोकलेन की रोशनी में बचाव कार्य चलता रहा।
बाद में हाईमास्ट और हैलोजन लाइट की व्यवस्था कर अभियान तेज किया गया। देर रात तक चले अभियान के बाद दोनों शवों को मलबे से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया।
पिलर की छड़ काटते ही बिगड़ा जलमीनार का संतुलन
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जलमीनार को तोड़ने का काम मां कृपा डेवलपर इंटरप्राइजेज को सौंपा गया था। बुधवार को मजदूर जलमीनार के पिलर के अंदर लगी लोहे की छड़ों को कटर मशीन से काट रहे थे। बताया गया कि दो अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छड़ काटे जाने के बाद जलमीनार का भार एक ओर पड़ गया।
इससे पूरी संरचना असंतुलित हो गई और देखते ही देखते जलमीनार जमीन पर आ गिरी। जिस समय ढांचा गिरा, सत्या भुइयां और मैथली शरण महतो उसके नीचे मौजूद थे। दोनों मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। जलमीनार के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोगों को लगा जैसे कोई बड़ा विस्फोट हुआ हो। आसपास की जमीन तक हिल गई।
हाल में हुई थी सत्या की शादी
हादसे में जान गंवाने वाला सत्या भुइयां महज 25 वर्ष का था। बताया गया कि उसकी हाल में ही शादी हुई थी और उसका एक छोटा बेटा भी है। वहीं 42 वर्षीय मैथली शरण महतो भी पलामू जिले के पड़वा मोड़ के आसपास का रहने वाला था।
दोनों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार जलमीनार करीब 50 वर्ष पुरानी थी और विभाग की ओर से इसे पहले ही कंडम घोषित किया जा चुका था। इसके बाद इसे तोड़ने का काम कराया जा रहा था। कंपनी के सुपरवाइजर संतोष कुमार ने बताया कि मृत मजदूरों के स्वजन को मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
दो अन्य मजदूर भी कर रहे थे काम, बची जान
हादसे के समय लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड के नेतरहाट पंचायत के रहने वाले 45 वर्षीय महेश बिरजिया और 25 वर्षीय मंजीत बिरजिया भी मौके पर काम कर रहे थे। दोनों चाचा-भतीजा हैं। जलमीनार गिरने के दौरान दोनों वहां मौजूद थे, लेकिन किसी तरह उनकी जान बच गई। हादसे के बाद दोनों सदमे में थे।
काम के दौरान अधिकारी और अभियंता के नहीं रहने का आरोप
हादसे के बाद जलमीनार तोड़ने के तरीके और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप था कि जलमीनार तोड़ने के दौरान विभाग का कोई अधिकारी या अभियंता मौके पर मौजूद नहीं रहता था।
मजदूर ही अपने स्तर से काम कर रहे थे। लोगों का आरोप है कि मजदूरों को सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट समेत अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाते थे या नहीं, इसकी भी नियमित निगरानी नहीं की जाती थी। बताया गया कि काम जल्द पूरा करने के लिए मजदूरों ने पिलर में लगी लोहे की छड़ों को काटना शुरू कर दिया, जिससे जलमीनार का संतुलन बिगड़ गया।
हादसे के बाद दो घंटे तक अधिकारी के नहीं पहुंचने का आरोप
घटना को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के प्रति स्थानीय लोगों में नाराजगी भी देखी गई। प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप था कि हादसे के बाद करीब दो घंटे तक विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
इतने बड़े हादसे के बाद विभागीय अधिकारियों की अनुपस्थिति को लेकर लोगों ने सवाल उठाए। हालांकि, मौके पर जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की टीम बचाव अभियान में जुटी रही।
सत्या भुईया को हर दिन बेटा करता था फोन, आज रिंग बजी पर नहीं उठा फोन
जिला स्कूल के पास पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के यांत्रिक प्रमंडल परिसर में बुधवार को एक लाख गैलन क्षमता वाली जर्जर जलमीनार अचानक भरभराकर गिर गई। मलबे में दबने से पलामू के दो मजदूर सत्या भुईया और मैथली शरण महतो की मौत हो गई।
हादसे के दौरान उनके साथ काम कर रहे महेश और मंजीत भी मौके पर मौजूद थे। घटना की आपबीती बताते हुए मजदूर महेश ने कहा कि सत्या भुईया की हाल में ही शादी हुई थी। उसकी पत्नी और बेटा हर दिन उसे फोन करते थे।
बुधवार को भी मलबे में दबे सत्या के मोबाइल पर लगातार फोन की घंटी बजती रही, लेकिन वह फोन नहीं उठा सका। परिवार के लोग रातभर उससे संपर्क करने का प्रयास करते रहे, मगर उन्हें हादसे की जानकारी नहीं मिल सकी। महेश ने कहा कि अब सत्या कभी फोन नहीं उठाएगा।
इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। मजदूर ने कहा कि महज 500 रुपये की मजदूरी के लिए काम करने आए श्रमिकों में से दो की जान चली गई। घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
जलमीनार गिरने से पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त
जलमीनार के गिरने से परिसर में मौजूद राइजिंग पाइपलाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई। पाइप फटने से बड़ी मात्रा में पानी बहने लगा। इससे हजारों लीटर पानी बर्बाद होने की आशंका जताई गई। घटना के बाद पाइपलाइन को दुरुस्त करने की कार्रवाई भी शुरू की गई।
बोर्ड पर अधिकारियों के नंबर अधूरे मिले
घटनास्थल पर लगे सूचना बोर्ड को लेकर भी सवाल उठे। लोगों के अनुसार बोर्ड पर अधिकारियों के संपर्क नंबर पूरे दर्ज नहीं थे। नंबरों के शुरुआती अंक के बाद कई जगह एक्स एक्स लिखा हुआ था।
हादसे के समय लोग अधिकारियों से संपर्क करने के लिए बोर्ड पर दिए नंबर तलाशते रहे, लेकिन उन्हें सही नंबर नहीं मिल सका। बोर्ड पर एंबुलेंस का नंबर ही पूरा दर्ज था। पुलिस इस मामले की भी जानकारी जुटा रही है।
विधायक सीपी सिंह पहुंचे, लिया घटना का जायजा
घटना की सूचना मिलने के बाद विधायक सीपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बचाव अभियान का जायजा लिया और मजदूरों के संबंध में जानकारी ली। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम की टीमें भी देर रात तक मौके पर मौजूद रहीं।
उपायुक्त ने जांच के लिए कमेटी गठित की
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि हादसे में दो मजदूरों की मौत हुई है। घटना के तत्काल बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है।
जांच में हादसे के कारणों और कार्य के दौरान अपनाई गई सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी। मृत मजदूरों के स्वजन को मुआवजा दिलाने के लिए संबंधित विभाग से आग्रह किया जाएगा।
