मेदिनीनगर : झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ की पलामू इकाई ने मंगलवार को स्थानीय जिला समाहरणालय परिसर में अपनी मांगों के समर्थन में धरना दिया है। तीन दिनों की हड़ताल के पहले दिन आयोजित धरना में समान काम के लिए समान वेतन, स्थायीकरण, समायोजन सहित पांच सूत्री मांगों की ओर सरकार का ध्यानाकृष्ट किया गया। इसकी अध्यक्षता महासंघ के जिलाध्यक्ष विकास पांडेय व संचालन प्रधान महासचिव पंकज ¨सह ने किया। धरना में जिलाध्यक्ष कहा कि झारखंड राज्य में विगत 11 वर्षों से मनरेगा कर्मी ग्रामीण विकास विभाग व केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना मनरेगा में अपनी सेवा देते आ रहे हैं। इसमें अधिकांश मनरेगा किर्मयों ने अपने जीवन का अति महत्त्वपूर्ण समय विभाग को दिया है। लेकिन इसके बदले उन्हें अति अल्प मानदेय व जिल्लत भरी ¨जदगी के अलावे कुछ नहीं मिला है। महासचिव पंकज ¨सह ने कहा कि गलती किसी की भी हो मनरेगा कर्मियों को हमेशा से बलि का बकरा बनाया जाता है। मनरेगा कर्मी के पास वित्तीय शक्ति नहीं है, इसके बाद भी एक ही योजना में दोषी पाये जाने पर सरकार कर्मियों से सिर्फ स्पष्टीकरण पूछा जाता है, वहीं मनरेगाकर्मियों को सीधे बर्खास्त कर दिए जाते हैं। संघ सरकार की इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेगा। हम मनमानी के विरोध में आंदोलन के किसी हद तक जाने को तैयार हैं। जिला संरक्षक सह प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र उपाध्याय ने सरकार को सचेत होने की चेतावनी दी। महासचिव ज्योति किस्पोट्टा ने महिलाओं को मातृत्व अवकाश की व्यवस्था देने तथा दूरदराज की पंचायतों में पदस्थापन नहीं किए जाने की मांग की। उपाध्यक्ष रामाकांत तिवारी ने कहा कि मनरेगा कर्मी वोटर नहीं वोट बैंक है। वे अपने अधिकारों को पाने के लिए सरकार से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। सचिव नारद कुमार यादव ने मांगे नहीं मांगे जाने पर आन्दोलन को और अधिक तेज करने की बात कही। धरना में रवीन्द्र कुमार, संजय सूरज, उत्तम प्रवीण ¨मज, अशोक कुमार, संजय कुमार, अख्तर हुसैन, आनंद कुमार, दिलीप पांडेय, मनोज कुमार चौबे, मणिशंकर मिश्रा, अमित रंजन, ललित नारायण ¨सह सहित बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मी उपस्थित थे। धरना के बाद झारखंड के राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम पांच सूत्री मांग पत्र उपायुक्त को सौंपा गया।

Posted By: Jagran