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पलामू की बेटी का कमाल: सार्क मंच पर छाई 'स्वधा', ग्लोबल हुई झारखंड की डेयरी-टेक कंपनी

Published: Wed, 21 Oct 2026 09:37 AM (IST)

पलामू के महिला नेतृत्व वाले डेयरी-टेक स्टार्टअप स्वधा ने कोलंबो में दक्षिण एशियाई मंच पर अपने विकेंद्रीकृत डेयरी मॉडल को ...और पढ़ें

कोलंबो में डेयरी मॉडल की सराहना, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

कोलंबो में डेयरी मॉडल की सराहना, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर।

HighLights

  1. स्वधा डेयरी मॉडल को कोलंबो में मिली अंतरराष्ट्रीय सराहना।

  2. महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप ने किसानों की आय बढ़ाई।

  3. गोबर से बायोगैस, खाद बनाने में भी दिखाई रुचि।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू से शुरू हुए महिला नेतृत्व वाले डेयरी-टेक स्टार्टअप स्वधा एग्री प्राइवेट लिमिटेड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान बनाई है। श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 19 और 20 अक्टूबर को आयोजित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच में स्वधा ने अपना विकेंद्रीकृत डेयरी मॉडल प्रस्तुत किया।

सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित इस मंच पर दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने मॉडल में रुचि दिखाई और अपने देशों में पायलट प्रोजेक्ट की संभावनाएं तलाशने का सुझाव दिया।

स्वधा की संस्थापक एवं सीईओ नेहा भारती ने बताया कि वर्ष 2021 के लॉकडाउन में पलामू से शुरू हुआ यह स्टार्टअप अब तक 10 लाख से अधिक डिलीवरी कर चुका है। कंपनी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ दिलाना और डेयरी को परिवारों की मुख्य आजीविका बनाना है।

गोबर से अतिरिक्त आय की पहल

फोरम में जापान के इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल एनवायरनमेंटल स्ट्रेटजीज (आइजीईएस) ने स्वधा के मॉडल में रुचि दिखाई। संस्थान ने किसानों से गोबर खरीदकर बायोगैस और जैविक खाद बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग देने में रुचि जताई। श्रीलंका के फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी मॉडल में दिलचस्पी दिखाई। शोधकर्ता इसे केस स्टडी के रूप में ले सकते हैं।

तीन ऐप से संचालित होती है व्यवस्था

स्वधा के मॉडल में स्थानीय स्तर पर दूध संग्रह, शीतलन और ग्राहकों तक आपूर्ति की जाती है। कंपनी ने दूध की जांच से लेकर घर तक डिलीवरी के लिए तीन ऐप विकसित किए हैं। कंपनी के अनुसार, इससे 1,500 से अधिक किसान जुड़े हैं, जिनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। पलामू और जगदलपुर में इसके 5,000 से अधिक ग्राहक हैं।

200 से 20 हजार ग्राहकों तक पहुंचाने का लक्ष्य

स्वधा छोटे डेयरी उद्यमियों को तकनीक के माध्यम से कारोबार बढ़ाने में मदद करना चाहती है। कंपनी का लक्ष्य स्थानीय डेयरी उद्यमियों को 200 से 20,000 ग्राहकों तक पहुंचाना है। इसके लिए दूध के क्षेत्र में 'उबर' जैसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने की योजना है।

झारखंड सरकार ने दिया सहयोग का आश्वासन

फोरम के बाद नेहा भारती ने झारखंड सरकार के उद्योग निदेशक को पहल की जानकारी दी। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

स्वधा के मॉडल की समीक्षा आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मोहन कांडा और सीएनआरआइ के महासचिव बिनोद आनंद ने भी की थी। कांडा ने इसे नवाचारी पहल बताते हुए बड़े पैमाने पर लागू करने की जरूरत जताई।

नेहा भारती को मिला है वंडर वुमन अवार्ड

स्वधा को स्टार्टअप नेक्सस, आइआइएम लखनऊ, नैसकॉम, एसटीपीआइ, सिडबी और गोल्डमैन सैक्स 10,000 वीमेन का सहयोग प्राप्त है। नेहा भारती को झारखंड सरकार के नामांकन पर टैली एमएसएमई ऑनर्स 2026 के तहत 'वंडर वुमन अवार्ड' भी मिला है।

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