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पलामू की बेटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिला मौका, कोलंबो में पेश करेंगी झारखंड का डेयरी मॉडल

Published: Fri, 16 Oct 2026 05:54 PM (GMT+05:30)

पलामू स्थित महिला-नेतृत्व वाला डेयरी-टेक स्टार्टअप स्वधा एग्री, श्रीलंका के कोलंबो में सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के क्षेत्रीय सम्मेलन में झारखंड का तकनीक-आधारित डेयरी मॉडल प्रस्तुत करेगा।

स्वधा एग्री डेयरी की टीम। जागरण

स्वधा एग्री डेयरी की टीम। जागरण

HighLights

  1. स्वधा एग्री सार्क सम्मेलन में झारखंड का डेयरी मॉडल प्रस्तुत करेगा।

  2. कंपनी ने 10 लाख से अधिक डिलीवरी की, 1500 किसान जुड़े।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू से शुरू हुए महिला-नेतृत्व वाले डेयरी-टेक स्टार्टअप स्वधा एग्री प्राइवेट लिमिटेड को अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड का डेयरी मॉडल प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित रीजनल फोरम ऑन सर्कुलर इकोनॉमी इन साउथ एशिया में स्वधा को अपना मॉडल पेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

19 और 20 अक्टूबर 2026 को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित इस सम्मेलन में दक्षिण एशियाई देशों की सरकारों, उद्योग संगठनों, यूनिडो, यूरोपीय संघ और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

किसान से ग्राहक तक तकनीक आधारित व्यवस्था

स्वधा की संस्थापक एवं सीईओ नेहा भारती सम्मेलन में बताएंगी कि किस तरह तकनीक की मदद से किसानों से सीधे ग्राहकों तक दूध पहुंचाया जा रहा है। कंपनी के मॉडल के तहत गांवों में स्थापित केंद्रों पर किसानों के दूध की गुणवत्ता की जांच की जाती है। गुणवत्ता के आधार पर किसानों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाता है।

वहीं, ग्राहक मोबाइल ऐप के माध्यम से रोजाना दूध की गुणवत्ता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य दूध की आपूर्ति में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ किसानों और ग्राहकों के बीच भरोसा मजबूत करना है।

10 लाख से अधिक डिलीवरी, 1,500 से ज्यादा किसान जुड़े

कंपनी के अनुसार, स्वधा अब तक 10 लाख से अधिक दूध डिलीवरी कर चुकी है। इससे 5,000 से अधिक ग्राहक और 1,500 से ज्यादा किसान जुड़े हैं। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। फिलहाल कंपनी पलामू और जगदलपुर में संचालित है। स्वधा के मुताबिक, प्रत्येक 1,000 लीटर क्षमता वाली इकाई से 50 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही, 300 से 500 किसान परिवारों की आजीविका को सहारा मिल सकता है।

स्थानीय डेयरी उद्यमियों को तैयार करना लक्ष्य

नेहा भारती ने कहा कि स्वधा तकनीक के माध्यम से कामकाज को आसान बनाती है, न कि लोगों की जगह लेती है। उनका सपना झारखंड के हर शहर में एक स्थानीय डेयरी उद्यमी तैयार करना है। उन्होंने कहा कि सार्क जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर पलामू के मॉडल को प्रस्तुत करना पूरे झारखंड के लिए गर्व की बात है।

उल्लेखनीय है कि नेहा भारती को हाल ही में झारखंड सरकार की ओर से नामांकित किए जाने के बाद टैली एमएसएमई ऑनर्स 2026 के तहत वंडर वुमन अवार्ड से सम्मानित किया गया है। 

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