पलामू में स्मार्ट क्लास इस्तेमाल करने वाले स्कूल बढ़े, 55 से 94 पहुंची संख्या; ICT लैब उपयोग थोड़ा घटा
पलामू जिले के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास के उपयोग में सुधार हुआ है, लेकिन आईसीटी लैब के इस्तेमाल में ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। जिले के सरकारी स्कूलों में संचालित स्मार्ट क्लास का इस्तेमाल करने वाले स्कूलों की संख्या जुलाई की तुलना में अगस्त में बढ़ी है। हालांकि, आईसीटी लैब के उपयोग में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की अगस्त की डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन परफॉरमेंस रिव्यू रिपोर्ट में यह स्थिति सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्मार्ट क्लास के उपयोग में पलामू राज्य के 24 जिलों में 19वें स्थान पर है। जिले के 481 सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा उपलब्ध है। इनमें अगस्त में 94 स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से शिक्षण-अधिगम गतिविधियां दर्ज की गईं। यह कुल स्कूलों का 19.54 प्रतिशत है। जुलाई में 55 स्कूलों में स्मार्ट क्लास का इस्तेमाल दर्ज हुआ था, जो 11.43 प्रतिशत था।
इस तरह एक महीने में उपयोग करने वाले स्कूलों की संख्या में 39 की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई में पलामू इस मामले में राज्य में 23वें स्थान पर था। अगस्त में 19वें स्थान पर पहुंच गया। वहीं, 387 स्कूल अंडर यूटिलिटी स्मार्ट क्लास की श्रेणी में हैं।
आईसीटी लैब के इस्तेमाल में भी आई गिरावट
आईसीटी लैब के उपयोग में पलामू की रैंकिंग में भी गिरावट आई है। जुलाई में राज्य में सातवें स्थान पर रहने वाला पलामू अगस्त में नौवें स्थान पर पहुंच गया। जिले के 412 स्कूलों में आईसीटी लैब की सुविधा उपलब्ध है।
इनमें अगस्त में 397 स्कूलों में इसका उपयोग दर्ज किया गया, जो 96.36 प्रतिशत है। वहीं, 15 स्कूल अंडर यूटिलिटी आईसीटी लैब की श्रेणी में हैं। जुलाई में 400 स्कूलों में आईसीटी लैब का उपयोग दर्ज हुआ था, जो 97.09 प्रतिशत था। उस समय 12 स्कूल उपयोग नहीं वाली श्रेणी में थे।
कम उपयोग वाले स्कूलों की समीक्षा का निर्देश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने कम उपयोग वाले स्कूलों की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। विभाग के अनुसार, आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास के कम इस्तेमाल से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमित उपयोग की गुंजाइश का पता चलता है। जिलों को कम उपयोग या बिल्कुल उपयोग नहीं करने वाले स्कूलों की पहचान कर कमियों का पता लगाने और उनका समाधान करने को कहा गया है।
हर सप्ताह तय हैं कंप्यूटर और स्मार्ट क्लास के पीरियड
विभागीय गाइडलाइन के अनुसार, कक्षा शिक्षण में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास का नियमित इस्तेमाल किया जाना है। प्रत्येक कक्षा में सप्ताह में दो कंप्यूटर आधारित पीरियड और दो पीरियड स्मार्ट क्लास या ई-कंटेंट के माध्यम से संचालित किए जाने हैं।
निर्धारित श्रेणी में आने वाले स्कूलों के लिए महीने में कम से कम 16 पीरियड का प्रावधान है। इससे कम पीरियड दर्ज करने वाले स्कूलों को अंडर यूटिलिटी की श्रेणी में रखा जाता है।
स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब का नियमित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विद्यालयों की समीक्षा की जा रही है। जिन स्कूलों में उपयोग कम है, वहां इसकी वजह की जानकारी लेकर आवश्यक सुधार कराया जाएगा।
-अंबुजा पांडेय, एडीपीओ, समग्र शिक्षा अभियान, पलामू
यह भी पढ़ें- झारखंड को मिलेट्स की खेती और चेक डैम के लिए मिलेंगे ₹20 करोड़, पलामू-संताल परगना के किसानों को फायदा
