पलामू के ग्रामीण इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री आज से महंगी, सर्किल रेट में 10-20% की वृद्धि
पलामू के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदना अब महंगा हो गया है, क्योंकि 1 अगस्त से सर्किल रेट में 10-20% ...और पढ़ें
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जिला अवर निबंधक कार्यालय
HighLights
पलामू में ग्रामीण भूमि सर्किल रेट 10-20% बढ़ा।
1 अगस्त से लागू, जमीन रजिस्ट्री अब महंगी होगी।
चियांकी, हरभोंगा जैसे क्षेत्रों में सर्वाधिक वृद्धि।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदने की योजना बना रहे लोगों को अब अधिक खर्च करना पड़ेगा। राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों की भूमि के सरकारी मूल्य (सर्किल रेट) में 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का निर्णय लिया है।
नई दरें 1 अगस्त से प्रभावी होंगी और इसी के आधार पर जमीन का निबंधन किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदने वालों को पहले की तुलना में अधिक स्टांप शुल्क का भुगतान करना होगा।
सदर प्रखंड का चियांकी क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में सबसे महंगी जमीन वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। नई दरें लागू होने के साथ ही जमीन की रजिस्ट्री पर लगने वाले शुल्क में भी वृद्धि होगी। जिला निबंधन कार्यालय ने वर्ष 2026-27 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों की खाली जमीन की नई न्यूनतम मूल्य मार्गदर्शिका (दर प्रति डिसमिल) जारी कर दी है, जो एक अगस्त से प्रभावी होगी।
नई मार्गदर्शिका के तहत जिले के 21 अंचलों के 1870 गांवों में कृषि, आवासीय, औद्योगिक और व्यावसायिक उपयोग की जमीन के लिए अलग-अलग न्यूनतम मूल्य निर्धारित किए गए हैं। सबसे अधिक बढ़ोतरी शहर से सटे इलाकों की जमीन की कीमतों में की गई है।
सदर अंचल के चियांकी तथा चैनपुर अंचल के हरभोंगा, पनेरी बांध, हंसा और नरसिंहपुर पथरा के अलावा पांकी खास की आवासीय एवं व्यावसायिक जमीन की सरकारी दरों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
चियांकी में आवासीय जमीन की न्यूनतम दर 2,37,301 रुपये प्रति डिसमिल तथा व्यावसायिक जमीन की दर 3,55,951 रुपये प्रति डिसमिल निर्धारित है, जिसमें 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वहीं, हरभोंगा, पनेरी बांध, हंसा की आवासीय जमीन की कीमतों में भी 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।
जिला प्रशासन का मानना है कि शहर के विस्तार, बेहतर संपर्क मार्ग और बढ़ती आवासीय मांग को देखते हुए इन क्षेत्रों की जमीन के मूल्य में वृद्धि की गई है। नई दरें लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क का भार भी बढ़ेगा, जिसका सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ेगा।
निबंधन कार्यालय में रजिस्ट्री के लिए उमड़ी भीड़
नई दरें लागू होने से पहले जिला अवर निबंधन कार्यालय, मेदिनीनगर में रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुवार को जहां मात्र आठ लोगों ने संपत्ति का निबंधन कराया, वहीं 31 जुलाई (शुक्रवार) को अंतिम दिन 37 लोगों ने रजिस्ट्री कराई।
एक अगस्त को नई सर्किल दरों को सॉफ्टवेयर में अपडेट किए जाने के कारण उस दिन ग्रामीण क्षेत्रों की जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। विभागीय प्रावधानों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के सर्किल रेट का प्रत्येक दो वर्ष पर पुनरीक्षण किया जाता है, जबकि शहरी क्षेत्रों के सर्किल रेट में संशोधन अगले वर्ष किया जाएगा।
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