पलामू में मछली पालकों के लिए बड़ी राहत, फिश फीड पर 50% तक अनुदान; नाव खरीदने पर मिलेगी इतनी सब्सिडी
पलामू जिले में मछली पालकों को गुणवत्तायुक्त फिश फीड की खरीद पर 50% या ₹25 प्रति किलो तक का अनुदान ...और पढ़ें

फिश फीड पर 50% या ₹25 प्रति किलो तक अनुदान।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। जिले के मछली पालकों को मछली पालन में उपयोग होने वाले गुणवत्तायुक्त फिश फीड की खरीद पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। जिला मत्स्य कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए फ्लोटिंग फिश फीड पर अनुदान देने की सूचना जारी की है।
योजना का उद्देश्य तालाब और जलाशय आधारित मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के साथ मछली पालकों की उत्पादन लागत कम करना है। विभाग के अनुसार कम से कम 24 प्रतिशत प्रोटीनयुक्त फिश फीड की खरीद पर 50 प्रतिशत अथवा 25 रुपये प्रति किलो, जो भी न्यूनतम हो, के आधार पर अनुदान मिलेगा।
फीड की मात्रा उसके आकार और मत्स्य पालन की पद्धति के अनुसार निर्धारित की गई है। दो एमएम से छोटे फीड के लिए अधिकतम 700 किलो और दो से चार एमएम आकार के फीड के लिए अधिकतम 1500 किलो की सीमा निर्धारित है। आरएएस लाभुकों के लिए चार एमएम तक के फीड पर अधिकतम 650 किलो की सीमा है।
बायोफ्लॉक टैंक के लिए चार एमएम तक के फीड पर 50 किलो प्रति टैंक और बायोफ्लॉक पॉन्ड के लिए 1500 किलो प्रति तालाब तक की सीमा रखी गई है। झारखंड फिशरीज द्वारा उत्पादित दो से चार एमएम फीड की खरीद पर भी 50 प्रतिशत अथवा 25 रुपये प्रति किलो, जो भी न्यूनतम हो, की दर से अनुदान मिलेगा। लाभुकों को अधिकृत विक्रेता से ही फीड खरीदना होगा।
दो एमएम और इससे छोटे आकार के फैक्ट्री निर्मित फ्लोटिंग फिश फीड की खरीद का जीएसटी बिल प्रस्तुत करना अनिवार्य है। जीएसटी बिल के बिना अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से खाते में नहीं भेजी जाएगी।
मोटर चालित नाव पर 90 प्रतिशत अनुदान
जलाशयों में मछली पालन और मछली पकड़ने के दौरान आपात स्थिति में मछुआरों को सुरक्षित निकालने के लिए जिला मत्स्य कार्यालय की ओर से मोटर चालित नाव उपलब्ध कराई जाएगी। 4.14 लाख रुपये कीमत की नाव पर 90 प्रतिशत, अधिकतम 3.72 लाख रुपये तक अनुदान मिलेगा। लाभुक को 41,400 रुपये अंशदान देना होगा।
इच्छुक मछुआरे आठ अक्टूबर तक जिला मत्स्य कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं। नाव में चार से छह लोगों के बैठने की क्षमता होगी। एफआरपी से निर्मित नाव में 9.9 एचपी का मोटर, दो चप्पू और 50 फीट रस्सी उपलब्ध रहेगी। नाव का उपयोग मछली पकड़ने या पालन के दौरान दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में मछुआरों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा सकेगा।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मनरेगा मत्स्यजीवी सहयोग समिति का सदस्य होना अनिवार्य है। आवेदन के साथ समिति की कार्यकारिणी के प्रस्ताव की प्रति, नोटरी से प्रमाणित शपथ पत्र और 41,400 रुपये अंशदान जमा करने की सहमति देनी होगी।
