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पलामू में BDO-CO को सोशल मीडिया पर मिली गोली मारने की धमकी, ‘ममता यादव’ नाम की ID से पोस्ट के बाद मचा हड़कंप

Published: Wed, 30 Sep 2026 09:32 AM (GMT+05:30)

मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी मदन कुमार सुमन को सोशल मीडिया पर गोली मारने की कथित धमकी मिली ...और पढ़ें

बीडीओ सह सीओ की फाइल फोटो। जागरण

बीडीओ सह सीओ की फाइल फोटो। जागरण

HighLights

  1. मनातू के बीडीओ-सीओ को सोशल मीडिया पर धमकी मिली।

  2. 'ममता यादव' आईडी से गोली मारने की कथित धमकी दी गई।

  3. अधिकारी ने मामले की जांच और कानूनी कार्रवाई की बात कही।

संवाद सूत्र, तरहसी (पलामू)। मनातू के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी मदन कुमार सुमन को इंटरनेट मीडिया पर गोली मारने की कथित धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।

ममता यादव के नाम से सक्रिय इंटरनेट मीडिया आईडी से धमकी दिए जाने की बात सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। हालांकि, उक्त आईडी का वास्तविक संचालक कौन है, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

मामला सामने आने के बाद बीडीओ सह सीओ मदन कुमार सुमन ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में यदि इस तरह की धमकी दिए जाने की पुष्टि होती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि धमकी किसने दी और इसके पीछे क्या कारण है।

मनातू में बीडीओ को धमकी का पुराना इतिहास

मनातू प्रखंड में किसी बीडीओ को धमकी मिलने का मामला पहली बार सामने नहीं आया है। प्रखंड का प्रशासनिक इतिहास भी संवेदनशील रहा है। पूर्व में यहां एक बीडीओ की हत्या हो चुकी है। इसके अलावा अलग-अलग समय में प्रखंड के बीडीओ को जान से मारने और लेवी की धमकियां मिलने की बातें भी सामने आती रही हैं।

ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में वर्तमान बीडीओ-सह-सीओ को इंटरनेट मीडिया के माध्यम से गोली मारने की कथित धमकी मिलने से मामला गंभीर हो गया है। हालांकि, वर्तमान मामले का पूर्व की किसी घटना से संबंध है या नहीं, इस संबंध में फिलहाल कोई प्रमाण सामने नहीं आया है।

आईडी के वास्तविक संचालक की जांच जरूरी

इंटरनेट मीडिया पर आईडी ममता यादव के नाम से होने मात्र से यह मान लेना उचित नहीं होगा कि धमकी उसी व्यक्ति ने दी है। इंटरनेट मीडिया पर फर्जी नाम या किसी अन्य व्यक्ति के नाम से आईडी संचालित किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए जांच के दौरान आईडी के वास्तविक संचालक का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।

धमकी के पीछे का कारण भी जांच का विषय है। क्या किसी प्रशासनिक कार्रवाई से नाराजगी के कारण ऐसा किया गया या अधिकारी को भयभीत करने के उद्देश्य से धमकी दी गई, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल अधिकारी ने जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

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