'वोट चोर-गद्दी छोड़' अभियान से घबराई भाजपा, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी का हमला
पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के ...और पढ़ें

पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
चुनाव से सरकार बदलना लोकतंत्र का सामान्य हिस्सा: त्रिपाठी।
भाजपा विपक्ष की लोकतांत्रिक भूमिका पर उठा रही सवाल।
कांग्रेस का 'वोट चोर-गद्दी छोड़' अभियान जारी।
जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि चुनाव के जरिए सरकार बदलने की बात करना लोकतंत्र का सामान्य हिस्सा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बात पर क्यों बौखला रही है। बुधवार को प्रेस बयान जारी कर उन्होंने कांग्रेस के ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष का उद्देश्य चुनाव में मौजूदा सरकार को हराकर सत्ता में बदलाव लाना है।
त्रिपाठी ने 1977 और 2014 के लोकसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में चुनाव के जरिए पहले भी सरकारें बदलती रही हैं। ऐसे में चुनाव के माध्यम से सत्ता परिवर्तन की बात को लोकतंत्र के खिलाफ बताना उचित नहीं है।
विपक्ष को निशाना बनाने का लगाया आरोप
त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार विपक्ष की लोकतांत्रिक भूमिका पर सवाल उठाती है। सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वालों को कभी ‘देशविरोधी’, कभी ‘दिमागी नक्सली’ तो कभी ‘लेफ्टिस्ट’ कहकर निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचनाओं और सवालों का जवाब देना चाहिए, न कि सवाल उठाने वालों पर आरोप लगाना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि उन्हें पद से क्यों नहीं हटाया जा रहा है। त्रिपाठी ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर उठाए जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए।
भाजपा नेता विपक्ष पर निशाना साध रहे
उन्होंने आरोप लगाया कि इन सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा नेता विपक्ष पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ‘वोट चोर-गद्दी छोड़’ अभियान के जरिए चुनावी व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश कर रही है।
