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झारखंड में जमीन-मकान की रजिस्ट्री कराना हुआ महंगा! अब स्टांप और निबंधन शुल्क पर देना होगा 10% अतिरिक्त

Published: Thu, 29 Oct 2026 03:07 PM (IST)

झारखंड सरकार ने नगरपालिका भूमि-भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2026 को मंजूरी दी है, जिससे शहरी क्षेत्रों में जमीन और मकान ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. झारखंड में जमीन-मकान की रजिस्ट्री पर 10% अतिरिक्त अधिभार लगेगा।

  2. स्टांप और निबंधन शुल्क के ऊपर देना होगा अतिरिक्त पैसा।

  3. एक लाख शुल्क पर खरीदार को 10 हजार रुपये और देने होंगे।

जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। राज्य सरकार ने झारखंड नगरपालिका भूमि-भवन स्थानांतरण अधिभार नियमावली, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके लागू होने से अब शहरी क्षेत्रों में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री महंगी हो जाएगी।

नए नियम के तहत राज्य के सभी नगरपालिका क्षेत्रों और अधिसूचित औद्योगिक नगरियों में जमीन या भवन के स्थानांतरण पर कुल स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क की राशि का 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज के रूप में देना होगा।

नए नियम के अनुसार, यदि किसी संपत्ति की रजिस्ट्री पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क मिलाकर एक लाख रुपये देय हैं, तो खरीदार को इसके अतिरिक्त 10 हजार रुपये सरचार्ज के रूप में चुकाने होंगे। इस तरह संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का खर्च बढ़ जाएगा।

रजिस्ट्री से पहले होगी सरचार्ज की वसूली

संपत्ति के स्थानांतरण के दौरान संबंधित निबंधन पदाधिकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होने से पहले सरचार्ज की राशि वसूल करेंगे। यानी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए निर्धारित शुल्क के साथ अतिरिक्त अधिभार का भुगतान भी अनिवार्य होगा। नियमावली में सरचार्ज की राशि वापस करने का भी प्रावधान किया गया है।

यदि किसी कारणवश संपत्ति के स्थानांतरण या रजिस्ट्री की प्रक्रिया रद्द हो जाती है अथवा पूरी नहीं हो पाती है, तो नियमानुसार जमा की गई अधिभार राशि आवेदक को वापस कर दी जाएगी।

दूसरे निबंधन कार्यालय में भी लागू होगा नियम

यदि संपत्ति किसी नगर निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आती है, लेकिन उसकी रजिस्ट्री किसी अन्य निबंधन कार्यालय में कराई जा रही है, तो भी संबंधित नगरपालिका क्षेत्र के लिए निर्धारित सरचार्ज की वसूली सुनिश्चित की जाएगी। इस प्रकार संपत्ति के स्थानांतरण पर लागू नए प्रावधान का पालन संबंधित अधिकारियों को करना होगा। 

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